अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آثار رحمت الله: अल्लाह की रहमत के निशान, यानी बारिश के प्रभाव और उसके परिणाम।
- يُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا: ज़मीन को उसके सूखेपन और बंजर होने के बाद जीवित करता है (यानी हरा-भरा करता है)।
- لَمُحْيِي الْمَوْتَى: यह (वही ज़मीन को जीवित करने वाला) मुर्दों को जीवित करने वाला है।
- قَدِير: हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नज़र रखने वाले इंसान! ज़रा ग़ौर और फ़िक्र की नज़र से अल्लाह की रहमत के निशानों को देख — यानी बारिश को, जो अल्लाह अपने बंदों पर रहमत के तौर पर नाज़िल करता है। देखो कि वह बारिश किस तरह सूखी, बंजर और मुर्दा ज़मीन को जीवित कर देती है, और उसमें तरह-तरह के पौधे, पेड़, खेती और फल उगा देती है। जो ज़मीन कल तक बिल्कुल बेजान और सूखी पड़ी थी, वही आज हरी-भरी, लहलहाती और जीवन से भरपूर नज़र आती है।
यह मंज़र सिर्फ़ एक कुदरती नज़ारा नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की क़ुदरत की एक ज़िंदा निशानी है। जिस अल्लाह ने इस मुर्दा ज़मीन को जीवित कर दिया, वही अल्लाह क़यामत के दिन मुर्दों को भी जीवित करेगा और उन्हें उनकी क़ब्रों से उठाएगा। यह कोई मुश्किल काम नहीं है, क्योंकि वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है — उसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। जिस तरह वह बारिश के ज़रिए मुर्दा ज़मीन को ज़िंदगी देता है, उसी तरह वह मुर्दा इंसानों को भी दोबारा ज़िंदा करने पर पूरी तरह क़ादिर है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत और क़ुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जब हम बारिश के बाद धरती को हरा-भरा होते देखते हैं, तो यह हमारे लिए एक जीती-जागती सबक़ है कि जिस रब ने यह किया, वह हमें भी मौत के बाद ज़िंदा करके हमारे अच्छे और बुरे आमाल का हिसाब लेगा। यह आयत हमें अल्लाह की रहमत से उम्मीद रखना सिखाती है और साथ ही उसके इंसाफ़ से डरना भी सिखाती है। अल्लाह की रहमत असीम है — जैसे वह सूखी ज़मीन पर बारिश भेजता है, वैसे ही वह गुनाहगार बंदों पर भी रहमत की बारिश भेजता है, बशर्ते वे तौबा करके उसकी तरफ़ पलटें। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत के बाद की ज़िंदगी हक़ है, और उस दिन का इम्तिहान हमारे आज के आमाल पर होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों पर ग़ौर करें, उसका शुक्र अदा करें, और उसकी रहमत की तरफ़ दौड़ें — क्योंकि वही सबसे बड़ा रहम करने वाला और हर चीज़ पर क़ादिर है।
📜 आयत 48-52 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 50
सूरा अर-रूम आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ ख़ुदा की रहमत के आसार की तरफ देखो तो…सूरा आयत 50/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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