अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- रीह (ريحًا): हानिकारक हवा, आँधी।
- मुस्फ़र्रन (مُصْفَرًّا): पीला पड़ गया, हरियाली खत्म हो गई।
- ज़ल्लू (لَظَلُّوا): वे बने रहते, वे लगातार करते रहते।
- यक्फुरून (يَكْفُرُونَ): कुफ्र करते हैं, नेमतों का इनकार करते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी कुदरत और इंसान की कमज़ोर ईमान की हालत बयान कर रहे हैं। जब अल्लाह अपने बंदों पर रहमत की बारिश भेजता है, तो ज़मीन हरी-भरी हो जाती है, खेतियाँ लहलहा उठती हैं, और लोग खुशी से झूम उठते हैं। लेकिन अगर अल्लाह उसी ज़मीन पर एक हानिकारक हवा (आँधी) भेज दे, जो खेतियों को बर्बाद कर दे, और वे फसलें जो कल तक हरी और ताज़ा थीं, आज पीली पड़कर सूख जाएँ — तो इंसान अपनी कमज़ोर ईमान की वजह से अल्लाह की पिछली नेमतों को भूल जाता है और कुफ्र (इनकार) करने लगता है।
यानी इंसान का मिज़ाज ऐसा है कि जब उसे अच्छे हालात मिलते हैं तो वह शुक्र करना भूल जाता है, और जब थोड़ी सी तकलीफ़ आती है तो वह अल्लाह की सारी नेमतों से मुँह मोड़ लेता है। वह यह नहीं सोचता कि यही अल्लाह जो आज आँधी भेजकर फसलें बर्बाद कर रहा है, वही कल बारिश भेजकर उन्हें उगाता भी है। अल्लाह की रहमत और क़हर दोनों उसी के हाथ में हैं।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें हर हाल में अल्लाह का शुक्रगुज़ार बनना चाहिए। नेमत मिले तो शुक्र करें, और मुसीबत आए तो सब्र करें। अल्लाह की नेमतें अनगिनत हैं — साँस लेना, सेहत, खाना, पानी, परिवार — ये सब उसी की देन हैं। अगर एक फसल खराब हो जाए, तो क्या सारी नेमतें खत्म हो गईं? नहीं! अल्लाह तो बड़ा कृपालु है, वह हर मुसीबत के बाद राहत भी देता है। क़ुरआन में अल्लाह ने कहा है: "बेशक तकलीफ़ के साथ आसानी है।" (अश-शरह: 6)
हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, ताकि हर हालत में अल्लाह पर भरोसा रखें। जब हम अल्लाह की रहमत और उसकी कुदरत पर यक़ीन रखेंगे, तो हम कभी निराश नहीं होंगे, और न ही उसकी नेमतों का इनकार करेंगे। याद रखिए, अल्लाह उन्हीं लोगों से मुहब्बत करता है जो शुक्र करने वाले और सब्र करने वाले होते हैं। आइए, हम अपने दिलों को अल्लाह की याद से जोड़ें और हर हाल में उसी के शुक्रगुज़ार बनें।
📜 आयत 49-53 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 51
सूरा अर-रूम आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर हम (खेती की नुकसान देह) हवा भेजें फिर…सूरा आयत 51/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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