अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَثَارُوا الْأَرْضَ: धरती को जोतना-बोना, उसे उलट-पलट कर कृषि के योग्य बनाना।
- عَمَرُوهَا: उसे आबाद करना, निर्माण करना और उसका विकास करना।
- بِالْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट प्रमाण, चमत्कार और तर्क जो रसूलों के सत्य होने की गवाही देते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या इन लोगों ने धरती पर चल-फिर कर नहीं देखा कि उनसे पहले गुज़री हुई उम्मतों का अंजाम क्या हुआ? ये वो क़ौमें थीं जो ताक़त और तोंद में इनसे कहीं बढ़-चढ़ कर थीं। उन्होंने धरती को जोता, उसमें खेती की, नहरें जारी कीं, और इमारतें खड़ी कीं — उन्होंने दुनिया को इन मक्का वालों से कहीं ज़्यादा आबाद किया। उनके पास रसूल साफ़-साफ़ निशानियाँ और चमत्कार लेकर आए, मगर उन्होंने झुठलाया और सरकशी की। फिर अल्लाह ने उन्हें पकड़ लिया और तबाह कर दिया। अल्लाह ने उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया — वह तो बिल्कुल इंसाफ़ करने वाला है — बल्कि उन्होंने खुद अपनी जानों पर ज़ुल्म किया, क्योंकि उन्होंने कुफ़्र और नाफ़रमानी का रास्ता चुना और अपने हाथों अपनी तबाही मोल ली।
दावती पहलू (नसीहत):
ये आयत हमें सोचने की दावत देती है कि इतिहास से सबक़ लें। जिन क़ौमों ने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया, वे आज सिर्फ़ कहानियाँ बन कर रह गईं। उनकी ताक़त, उनकी इमारतें, उनकी खेती — कुछ भी उनके काम नहीं आया। ये हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों को अपनाएँ, अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें, और याद रखें कि अल्लाह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता — जो कुछ भी हम पर आता है, वह हमारे अपने कर्मों का नतीजा होता है। अगर हम सीधे रास्ते पर चलेंगे, तो अल्लाह हमें कामयाबी देगा, और अगर ग़लत रास्ता चुनेंगे, तो अंजाम ख़ुद भुगतेंगे। यही अल्लाह का इंसाफ़ और उसकी रहमत है कि उसने हमें आगाह किया, ताकि हम उन लोगों की तरह न हों जो देर से जागे और पछताए।
📜 आयत 7-11 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 9
सूरा अर-रूम आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ये लोग रुए ज़मीन पर चले फिरे नहीं कि…सूरा आयत 9/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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