अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अहज़ाब: विभिन्न गिरोह, जिन्होंने मिलकर मदीना पर चढ़ाई की थी (कुरैश, ग़तफ़ान, बनी सुलैम आदि)।
- बादून: जंगल में रहने वाले, बद्दू (ग्रामीण)।
- अ'राब: रेगिस्तान के रहने वाले, खानाबदोश अरब।
- अन्बा: समाचार, खबरें।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) की कायरता और कमज़ोर ईमान का पर्दाफाश करती है। जब अहज़ाब (मिले-जुले दुश्मन गिरोह) मदीना पर हमला करके लौट गए, तो ये कमज़ोर ईमान वाले लोग डर के मारे यह समझ ही नहीं पाए कि अल्लाह ने उन्हें शिकस्त दे दी है। उनका दिल इस कदर खौफ़ से भरा था कि उन्हें यक़ीन ही नहीं आ रहा था कि दुश्मन सच में चले गए हैं। उन्हें हर पल यह वहम रहता था कि शायद वे लौट आएँ।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि अगर ये गिरोह दोबारा लौट भी आएँ, तो ये मुनाफ़िक़ दिल से चाहेंगे कि काश वे शहर में न हों, बल्कि रेगिस्तान में बद्दुओं के बीच जाकर छिप जाएँ, और वहाँ से तुम्हारी खबरें पूछते रहें—कि तुम्हारा क्या हुआ, तुम बचे या मारे गए। यानी वे तुम्हारे साथ खड़े होकर लड़ना नहीं चाहते, बल्कि दूर से तुम्हारे हालात की खबर लेना चाहते हैं।
और अगर वे तुम्हारे साथ लड़ाई के मैदान में होते भी, तो बहुत कम लड़ते—सिर्फ़ दिखावे के लिए, रिया के तौर पर। वे तीर-पत्थर फेंककर या थोड़ी सी कोशिश करके अपना फ़र्ज़ अदा करने का बहाना बना लेते, ताकि लोग उन्हें मुसलमान समझें। असल में उनका दिल जिहाद से खाली था, उनका ईमान कमज़ोर था और उन्हें अल्लाह पर भरोसा नहीं था।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान की मज़बूती ही असली ताक़त है। जिसे अल्लाह पर भरोसा होता है, वह मुश्किल से मुश्किल हालात में भी नहीं घबराता, क्योंकि वह जानता है कि अल्लाह ही मदद करने वाला है। अहज़ाब के दिन मुसलमानों ने सब्र और भरोसे का जो सबक़ दिया, वह हमारे लिए मशाल है। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह पर भरोसा रखें और किसी भी मुसीबत में घबराएँ नहीं। याद रखें, अल्लाह उन्हीं की मदद करता है जो उस पर सच्चे दिल से भरोसा करते हैं। मुनाफ़िक़ों की कायरता का यह ज़िक्र हमें सिखाता है कि हम अपने दिलों को सच्चे ईमान से भरें, ताकि हम अल्लाह की नज़र में सच्चे मुसलमान कहला सकें।
📜 आयत 18-22 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 20
सूरा अल-अहज़ाब आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मदीने का मुहासेरा करने वाले चल भी दिए मगर) ये…सूरा आयत 20/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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