अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- उस्वतुन हसनह: उत्तम आदर्श, बेहतरीन नमूना, पैरवी के काबिल रास्ता।
- यरजू: आशा रखता है, उम्मीद करता है (अल्लाह की रहमत और उसके दीन की मदद की)।
- ज़करल्लाह: अल्लाह का ज़िक्र करना (हर हाल में उसे याद करना, उसकी तस्बीह और हम्द करना)।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! अल्लाह तआला ने अपने रसूल ﷺ को तुम्हारे लिए सबसे उत्तम आदर्श बनाकर भेजा है। रसूलुल्लाह ﷺ की हर अदा, हर बात, हर हरकत, हर फैसला और हर हालत — चाहे वो जंग का मैदान हो, घर का कोना हो, या मस्जिद का मिंबर — सब कुछ तुम्हारे लिए एक रोशन राह है। जब अहज़ाब (क़बीलों) की जंग में मुसलमान घबरा गए थे, दिल काँप उठे थे, और मुश्किलें बढ़ गई थीं, तो रसूलुल्लाह ﷺ खुद अपने हाथों से खाई खोदते रहे, अपने जिस्म को मुश्किलों में डाला, और सब्र और भरोसे की मिसाल क़ायम की। उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की, बल्कि अल्लाह के दीन की सरबुलंदी के लिए हर क़ुर्बानी दी।
ये आदर्श सिर्फ़ उस वक़्त तक महदूद नहीं था, बल्कि क़यामत तक के लिए है। लेकिन इस आदर्श से फ़ायदा उठाने वाले वही लोग हैं जिनके दिलों में दो चीज़ें हों:
- अल्लाह की रहमत और उसके दीन की उम्मीद: यानी जो ये समझता है कि अल्लाह ही सब कुछ देने वाला है, और उसकी मदद और रहमत की आस लगाए रखता है।
- आख़िरत का यक़ीन: जो जानता है कि ये दुनिया फ़ानी है, और असली कामयाबी आख़िरत में है, वो रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलने में हिचकिचाता नहीं।
और साथ ही, वो अल्लाह का ज़िक्र बहुत ज़्यादा करता है — हर हाल में, खुशी में, ग़म में, तंगी में, फ़राग़त में। जो दिल अल्लाह के ज़िक्र से जुड़ा होता है, उसे रसूल ﷺ की पैरवी में मज़ा आता है, और जो अल्लाह से बेख़बर है, उसे ये राह भारी लगती है।
प्यारे भाइयो और बहनो! ये आयत हमें सिखाती है कि हमारी कामयाबी का राज़ सिर्फ़ और सिर्फ़ रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत पर अमल करने में है। आज दुनिया की तरक़्क़ी के नाम पर हम जितनी भी राहें अपनाते हैं, वो सब अधूरी हैं। असली राह वही है जो हमारे नबी ﷺ ने दिखाई। उनकी सीरत में हर मुश्किल का हल है, हर बीमारी की दवा है, और हर सवाल का जवाब है। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को उनके नक़्शे-क़दम पर चलकर सजाएँ, उनके अख़लाक़ को अपनाएँ, और उनकी मुहब्बत को अपने दिलों में बसाएँ। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की कामयाबी है।
📜 आयत 19-23 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 21
सूरा अल-अहज़ाब आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मुसलमानों) तुम्हारे वास्ते तो खुद रसूल अल्लाह का (ख़न्दक़ में…सूरा आयत 21/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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