अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَاهِدًا (शाहिदन): गवाह बनाकर भेजा।
- مُبَشِّرًا (मुबश्शिरन): खुशखबरी सुनाने वाला।
- نَذِيرًا (नज़ीरन): डराने वाला, सावधान करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! हमने आपको इस उम्मत के लिए गवाह बनाकर भेजा है, ताकि आप अपनी उम्मत पर गवाह हों कि आपने अल्लाह का पैग़ाम पूरा-पूरा पहुँचा दिया। आप उन लोगों के लिए खुशखबरी सुनाने वाले हैं जो ईमान लाएँगे और नेक अमल करेंगे, उन्हें जन्नत की रहमत की बशारत देंगे। और आप उन लोगों के लिए डराने वाले हैं जो नाफ़रमानी करेंगे और झुठलाएँगे, उन्हें अल्लाह के अज़ाब से आगाह करेंगे। आप अल्लाह की तरफ़ बुलाने वाले हैं, उसके हुक्म से, और आप एक रौशन चिराग़ हैं — जो आपके पास आए, उसके लिए रौशनी का ज़रिया बनते हैं। आपकी लाई हुई हिदायत सूरज की तरह रौशन है, जिसे साफ़ दिन की तरह कोई नहीं झुठला सकता सिवाय उसके जो हठधर्मी करे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपने नबी को दो बड़ी ज़िम्मेदारियाँ दीं: एक खुशखबरी सुनाना और दूसरी डराना। यही दो पहलू हमारी ज़िंदगी में भी होने चाहिए — हमें लोगों को अल्लाह की रहमत और जन्नत की खुशखबरी देनी चाहिए, और साथ ही उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराना भी चाहिए, ताकि वे ग़लत रास्ते से बचें। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नबी ﷺ की तरह हमें भी अपने आस-पास के लोगों के लिए रहमत का ज़रिया बनना चाहिए — उन्हें अच्छाई की तरफ़ बुलाना चाहिए और बुराई से रोकना चाहिए। जो लोग नबी ﷺ की इस दावत को क़बूल करेंगे, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है; और जो इनकार करेंगे, उनके लिए अल्लाह का अज़ाब है। यह हमारे लिए एक बड़ी नेमत है कि अल्लाह ने हमें ऐसा नबी दिया जो हमारे लिए रहमत और रौशनी बनकर आया।
📜 आयत 43-47 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 45
सूरा अल-अहज़ाब आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ नबी हमने तुमको (लोगों का) गवाह और (नेकों को…सूरा आयत 45/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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