अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَحِيَّةُهُمْ: उनका स्वागत/अभिवादन
- يَوْمَ يَلْقَوْنَهُ: जिस दिन वे उससे (अल्लाह से) मिलेंगे
- سَلَامٌ: सलामती, शांति और सुरक्षा
- أَجْرًا كَرِيمًا: बड़ा सम्मानजनक और उत्तम प्रतिफल
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मोमिनीन (ईमानवालों) के लिए उस महान दिन की खुशखबरी देती है जब वे अपने रब से मुलाक़ात करेंगे। उस दिन उनका स्वागत "सलाम" से किया जाएगा—यानी अल्लाह तआला खुद उन पर सलाम भेजेगा और उन्हें हर परेशानी, हर डर और हर अज़ाब से महफूज़ रखेगा। यह सलाम सिर्फ़ एक शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसा तोहफा है जो उनके दिलों को सुकून से भर देगा और उन्हें हमेशा के लिए सुरक्षित कर देगा।
अल्लाह तआला ने उनके लिए एक "करीम" (बहुत ही सम्मानजनक और उदार) अज्र तैयार किया है—और वह अज्र जन्नत है। यह जन्नत उनके उन आमाल (अच्छे कामों) का इनाम है जो उन्होंने दुनिया में अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में किए, और उन गुनाहों से बचे रहे जिनसे अल्लाह ने मना किया था।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों से कितना मुहब्बत करता है। जिस दिन लोग अपने रब के सामने हाज़िर होंगे, उस दिन मोमिनीन के लिए सलामती और खुशी होगी। यह वही दिन है जिसके लिए हमें तैयारी करनी है। अगर हम चाहते हैं कि हमारा स्वागत भी उस दिन सलाम से हो, तो आज ही अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढाल लें। नमाज़ की पाबंदी करें, अच्छे कामों में जल्दी करें, और उन चीज़ों से बचें जो अल्लाह को नापसंद हैं। याद रखें, जन्नत की यह "करीम" मेहमाननवाज़ी उन्हीं के लिए है जो दुनिया में अल्लाह के मेहमान बनकर रहे—यानी उसकी इबादत करते रहे और उसकी राह में भलाई करते रहे। अल्लाह हम सबको इस महान इनाम का हक़दार बनाए। आमीन।
📜 आयत 42-46 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 44
सूरा अल-अहज़ाब आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन उसकी बारगाह में हाज़िर होंगे (उस दिन) उनकी…सूरा आयत 44/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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