अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُرًى ظَاهِرَةً: पास-पास बसी बस्तियाँ, जो एक दूसरे से दिखाई देती हों।
- قَدَّرْنَا فِيهَا السَّيْرَ: हमने उनमें सफर की मंज़िलें निर्धारित कर दीं, यानी हर क़दम पर आराम की जगह बना दी।
- آمِنِينَ: निडर और सुरक्षित, जिन्हें किसी दुश्मन, भूख या प्यास का भय न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपनी उस महान नेमत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने सबा (यमन) के लोगों और उन बरकत वाली बस्तियों (शाम) के बीच, जिन्हें हमने पानी और हरियाली से नवाज़ा था, ऐसी आबाद बस्तियाँ बनाईं जो आपस में इतनी पास-पास थीं कि एक से दूसरी दिखाई देती थी। हमने उनके सफर की मंज़िलें इस तरह मुक़र्रर कीं कि वे आधे दिन के सफर में एक बस्ती से दूसरी बस्ती पहुँच जाते थे, जहाँ पानी और दरख्त मौजूद थे। इस तरह उनका सफर आसान और आरामदेह था।
हमने उनसे कहा: इन बस्तियों में जब चाहो सफर करो, रात में या दिन में, और तुम पूरी तरह सुरक्षित हो — न किसी दुश्मन का डर, न भूख का, न प्यास का। यह अल्लाह की तरफ से एक बेहतरीन इनायत थी, जो उन्हें उनके शुक्र करने की वजह से मिली थी।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतें उसके बंदों पर बेशुमार हैं। जब कोई क़ौम अल्लाह का शुक्र अदा करती है, तो अल्लाह उसकी नेमतों में और बरकत डाल देता है। यह भी सबक है कि हमें अपने जीवन में अल्लाह की दी हुई सुविधाओं को पहचानना चाहिए और उनका सही इस्तेमाल करते हुए अल्लाह के आभारी बनना चाहिए। साथ ही, यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है जब वे उसके हुक्म पर चलते हैं। आज भी अगर हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, तो वह हमारी ज़िंदगी में अमन, सुकून और बरकत नाज़िल करेगा।
📜 आयत 16-20 — सबा
अनुवाद — सबा 18
सूरा सबा आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम अहले सबा और (शाम) की उन बस्तियों के…सूरा आयत 18/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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