Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كَافَّةً: सभी लोगों के लिए, आम तौर पर, पूरी मानवजाति के लिए।
- بَشِيرًا: खुशखबरी सुनाने वाला (जन्नत की खुशखबरी)।
- نَذِيرًا: डराने वाला (आग और अज़ाब से आगाह करने वाला)।
तफसीर:
ऐ नबी! अल्लाह ने आपको सिर्फ़ किसी एक क़ौम, किसी एक ज़माने या किसी एक इलाक़े के लिए नहीं भेजा, बल्कि आपको पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजा है। आपकी रिसालत आम है — हर उस इंसान के लिए जो क़यामत तक आएगा, चाहे वह अरब का हो या अजमी, गोरा हो या काला, पूरब का हो या पश्चिम का। आपका मक़सद दो चीज़ें हैं: एक यह कि जो लोग ईमान लाएँ और नेक अमल करें, उन्हें जन्नत की खुशखबरी सुनाएँ, और दूसरे यह कि जो लोग कुफ़्र और गुनाह पर ज़िद करें, उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराएँ। यानी आपकी दावत में खुशखबरी भी है और डर भी, ताकि लोग अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखें और उसके अज़ाब से बचें।
लेकिन अफ़सोस! अक्सर लोग इस हक़ीक़त को नहीं समझते। उनकी नादानी और जहालत की वजह से वे आपकी बात नहीं मानते और आपको झुठलाते हैं। अगर वे जान लेते कि यह पैग़ाम सच्चाई पर आधारित है और इसमें उन्हीं की भलाई है, तो वे कभी आपका विरोध न करते। यह उनकी नासमझी है कि वे अपने भले को बुरा समझ रहे हैं और अपने नुक़्सान को भला।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम कोई जाती या क़ौमी धर्म नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अल्लाह की तरफ़ से आख़िरी पैग़ाम है। हर इंसान — चाहे वह किसी भी मुल्क, रंग या ज़बान का हो — इस पैग़ाम को सुनने और समझने का हक़दार है। और हम मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है कि इस पैग़ाम को मुहब्बत और हिकमत के साथ दुनिया तक पहुँचाएँ। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अगर लोग हमारी बात न मानें तो निराश न हों, क्योंकि अल्लाह के रसूल के साथ भी अक्सर लोगों ने ऐसा ही किया। हमारा काम सिर्फ़ पहुँचाना है, हिदायत अल्लाह के हाथ में है। और जो लोग इस पैग़ाम को क़बूल कर लें, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है, और जो मुँह मोड़ें, उनके लिए अल्लाह का अज़ाब — यह अल्लाह का बिल्कुल इंसाफ़ है।
📜 आयत 26-30 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 28
सूरा सबा आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) हमने तुमको तमाम (दुनिया के) लोगों के लिए…सूरा आयत 28/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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