अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَيِّنَاتٍ (बय्यिनात): स्पष्ट और प्रत्यक्ष आयतें।
- إِفْكٌ مُّفْتَرًى (इफ़्क़ुन मुफ़्तरा): मनगढ़ंत झूठ, जो अल्लाह पर थोपा गया हो।
- سِحْرٌ مُّبِينٌ (सिह्रुन मुबीन): खुला जादू, स्पष्ट जादू जिसकी हक़ीक़त सब पर ज़ाहिर हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब इन मक्का के काफ़िरों के सामने हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, जिनमें कोई धुंधलापन या संदेह नहीं होता, तो वे सच्चाई को मानने के बजाय उसे झुठलाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। वे कहते हैं: "यह (मुहम्मद) एक आदमी है जो चाहता है कि तुम्हें उस रास्ते से रोके जिस पर तुम्हारे बाप-दादा चलते आए हैं।" यानी वे सच्चाई को सिर्फ इसलिए नकार देते हैं क्योंकि उनके पूर्वज झूठे देवताओं की पूजा करते थे, और वे अपने बुज़ुर्गों की अंधी पैरवी को सच्चाई से ऊपर रखते हैं।
फिर वे एक कदम और आगे बढ़कर कहते हैं: "यह क़ुरआन कोई सच्ची किताब नहीं, बल्कि एक मनगढ़ंत झूठ है जिसे इस आदमी ने खुद गढ़ लिया है और अल्लाह की तरफ़ मंसूब कर दिया है।" वे इस हद तक झूठ बोलने से नहीं झिझकते कि अल्लाह की स्पष्ट आयतों को इंसानी कल्पना का नतीजा कह देते हैं।
और जब सच्चाई उनके पास आती है — चाहे वह क़ुरआन हो या नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) — तो काफ़िर लोग उसे "खुला जादू" कहते हैं। उनका यह कहना इसलिए था कि क़ुरआन की वाणी और उसका असर लोगों के दिलों को बदल देता था, बाप-बेटे और पति-पत्नी के बीच भी फ़र्क़ पैदा कर देता था, क्योंकि जो ईमान लाता वह कुफ़्र से अलग हो जाता। इसी को वे जादू का असर कहकर उसे बदनाम करने की कोशिश करते थे।
दावत और नसीहत:
देखिए, यह कितनी अफ़सोसनाक बात है कि जब अल्लाह की रोशनी आती है, तो ज़ालिम उसे बुझाने के लिए झूठ, बहाने और इल्ज़ामों का सहारा लेते हैं। लेकिन अल्लाह की सच्चाई कभी छिपती नहीं। यह क़ुरआन आज भी वही सच्चाई पेश करता है, और हर ज़माने में उसके नूर ने हज़ारों दिलों को रौशन किया है। अल्लाह के दीन की तरफ़ बुलाने वालों को इन इल्ज़ामों से नहीं डरना चाहिए, क्योंकि हर नबी को अपने ज़माने में ऐसे ही इल्ज़ामों का सामना करना पड़ा। सच्चाई का रास्ता हमेशा ऊँचा रहता है, चाहे झूठ कितना भी शोर मचाए। आइए, हम उन लोगों की तरह न बनें जो सच्चाई को देखकर भी अंधे बने रहे, बल्कि हम उन लोगों में शामिल हों जो क़ुरआन की आयतों को दिल से सुनते हैं और उन पर अमल करते हैं। यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 41-45 — सबा
अनुवाद — सबा 43
सूरा सबा आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनके सामने हमारी वाज़ेए व रौशन आयतें पढ़ी…सूरा आयत 43/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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