अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آتَيْنَاهُم – हमने उन्हें दिया
- كُتُبٍ – किताबें (ग्रंथ)
- يَدْرُسُونَهَا – जिन्हें वे पढ़ते हों
- نَذِيرٍ – डराने वाला (चेतावनी देने वाला पैगंबर)
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन काफ़िरों की उस झूठी दलील का खंडन कर रहे हैं जो वे पैगंबर मुहम्मद ﷺ के खिलाफ़ पेश करते थे। वे कहते थे कि आप ﷺ जो कुरआन लेकर आए हैं, यह कोई नई चीज़ नहीं है, बल्कि पुरानी किताबों से लिया गया जादू या मनगढ़ंत कहानी है। अल्लाह फ़रमाता है: हमने इन काफ़िरों को पहले कोई किताब नहीं दी थी जिसे वे पढ़ते हों और जिसके आधार पर वे यह दावा कर सकें कि यह कुरआन झूठ है। न ही हमने आप ﷺ से पहले उनके पास कोई डराने वाला पैगंबर भेजा था।
यहाँ अल्लाह तआला साफ़ कर रहे हैं कि इन लोगों के पास न तो कोई आसमानी किताब है, न ही कोई पिछला नबी आया है जो उन्हें सच्चाई की राह दिखाता। उनके पास न तो कोई इल्मी सबूत है और न ही कोई नबुव्वत का सिलसिला। वे सिर्फ़ अंदाज़ों और ख़यालात पर चल रहे हैं। यह उनकी बड़ी भूल है कि वे सच्चे पैगंबर ﷺ को झुठला रहे हैं, जबकि उनके पास कोई ठोस दलील नहीं है।
इस आयत में अल्लाह तआला यह भी बताना चाहते हैं कि मुहम्मद ﷺ का आना कोई अनोखी बात नहीं थी, बल्कि यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि वह हर क़ौम की तरफ़ नबी भेजता है। लेकिन इन लोगों के पास पहले कोई नबी नहीं आया था, इसलिए उनके पास यह कहने का कोई हक़ नहीं कि हमें पहले कोई चेतावनी देने वाला नहीं मिला। अब जब आप ﷺ आ गए हैं, तो उनके पास बहाने की कोई गुंजाइश नहीं बची।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने हमें कितनी बड़ी नेमत दी है – कुरआन और सुन्नत की शक्ल में। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और इसे पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना चाहिए। जिन लोगों के पास कोई किताब या नबी नहीं था, उन पर अल्लाह की हुज्जत (दलील) क़ायम हो गई जब पैगंबर ﷺ आए। आज हमारे पास कुरआन मौजूद है – जो आख़िरी किताब है और हमारे पास आख़िरी नबी ﷺ की सुन्नत है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी रहमत है। हमें चाहिए कि इस रहमत को पकड़ें और दूसरों तक पहुँचाएँ, ताकि हर इंसान सीधी राह पा सके। अल्लाह तआला हमें सच्ची समझ अता करे। आमीन।
📜 आयत 42-46 — सबा
अनुवाद — सबा 44
सूरा सबा आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) हमने तो उन लोगों को न (आसमानी)…सूरा आयत 44/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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