अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَعَوْا (सअव) — प्रयास किया, दौड़-धूप की।
- فِي آيَاتِنَا (फी आयातिना) — हमारी आयतों (निशानियों) के बारे में।
- مُعَاجِزِينَ (मुआजिज़ीन) — हमें विवश करने की कोशिश करते हुए, यानी यह समझते हुए कि वे हमारी पकड़ से बच निकलेंगे।
- رِجْزٍ (रिज़्ज़िन) — बुरा और गंदा अज़ाब।
- أَلِيمٌ (अलीम) — दर्दनाक और तकलीफ़देह।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाने और उन्हें बेकार करने में पूरी कोशिश करते हैं। वे न केवल खुद सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोकते हैं। वे अल्लाह के रसूलों को झूठा कहते हैं, उनकी लाई हुई आयतों को जादू या कविता कहकर खारिज करते हैं, और यह सोचते हैं कि वे अल्लाह की पकड़ से बच जाएँगे। वे अल्लाह के दीन को मिटाने के लिए दौड़-धूप करते हैं, जैसे कोई दौड़कर भागने की कोशिश करे, लेकिन वे भूल जाते हैं कि अल्लाह से बचकर कोई नहीं जा सकता।
ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने सबसे बुरा और सबसे दर्दनाक अज़ाब तैयार किया है — वह अज़ाब जो न केवल शरीर को तकलीफ़ देगा बल्कि दिल और रूह को भी चीर देगा। यह उनका हक़ है, क्योंकि उन्होंने सच्चाई के खिलाफ जंग छेड़ी और अल्लाह की निशानियों का मज़ाक उड़ाया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है — कि सच्चाई के खिलाफ काम करने वालों का अंजाम कभी अच्छा नहीं होता। इंसान चाहे कितनी भी ताकत जुटा ले, चाहे कितनी भी योजनाएँ बना ले, अल्लाह की पकड़ से बचना नामुमकिन है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की आयतों के अनुसार ढालें, उन पर अमल करें, और दूसरों को भी इसी की तरफ बुलाएँ। जो लोग सच्चाई के साथ होते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत — जो हर दर्द और गम से पाक है। याद रखिए, अल्लाह की राह पर चलने वालों के लिए हमेशा बेहतरी है, और उसके खिलाफ जाने वालों के लिए बुरा अंजाम। आइए, हम उन लोगों में से न बनें जो सच्चाई के दुश्मन हैं, बल्कि उनमें से बनें जो सच्चाई के साथी हैं — क्योंकि सच्चाई ही कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 3-7 — सबा
अनुवाद — सबा 5
सूरा सबा आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के तोड़) में मुक़ाबिले…सूरा आयत 5/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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