सबा · 5/54
अनुवाद उच्चारण — सूरा सबा
وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مِّن رِّجْزٍ أَلِيمٌ ۝٥
Wallazeena sa`aw feee aayaatinaa mu`aajizeena ulaaa `ika lahum `azaabum mir irjzin aleem
📖 हिंदी अर्थ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के तोड़) में मुक़ाबिले की दौड़-धूप की उन ही के लिए दर्दनाक अज़ाब की सज़ा होगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَعَوْا (सअव) — प्रयास किया, दौड़-धूप की।
  • فِي آيَاتِنَا (फी आयातिना) — हमारी आयतों (निशानियों) के बारे में।
  • مُعَاجِزِينَ (मुआजिज़ीन) — हमें विवश करने की कोशिश करते हुए, यानी यह समझते हुए कि वे हमारी पकड़ से बच निकलेंगे।
  • رِجْزٍ (रिज़्ज़िन) — बुरा और गंदा अज़ाब।
  • أَلِيمٌ (अलीम) — दर्दनाक और तकलीफ़देह।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाने और उन्हें बेकार करने में पूरी कोशिश करते हैं। वे न केवल खुद सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोकते हैं। वे अल्लाह के रसूलों को झूठा कहते हैं, उनकी लाई हुई आयतों को जादू या कविता कहकर खारिज करते हैं, और यह सोचते हैं कि वे अल्लाह की पकड़ से बच जाएँगे। वे अल्लाह के दीन को मिटाने के लिए दौड़-धूप करते हैं, जैसे कोई दौड़कर भागने की कोशिश करे, लेकिन वे भूल जाते हैं कि अल्लाह से बचकर कोई नहीं जा सकता।

ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने सबसे बुरा और सबसे दर्दनाक अज़ाब तैयार किया है — वह अज़ाब जो न केवल शरीर को तकलीफ़ देगा बल्कि दिल और रूह को भी चीर देगा। यह उनका हक़ है, क्योंकि उन्होंने सच्चाई के खिलाफ जंग छेड़ी और अल्लाह की निशानियों का मज़ाक उड़ाया।

दावती पहलू:

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है — कि सच्चाई के खिलाफ काम करने वालों का अंजाम कभी अच्छा नहीं होता। इंसान चाहे कितनी भी ताकत जुटा ले, चाहे कितनी भी योजनाएँ बना ले, अल्लाह की पकड़ से बचना नामुमकिन है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की आयतों के अनुसार ढालें, उन पर अमल करें, और दूसरों को भी इसी की तरफ बुलाएँ। जो लोग सच्चाई के साथ होते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत — जो हर दर्द और गम से पाक है। याद रखिए, अल्लाह की राह पर चलने वालों के लिए हमेशा बेहतरी है, और उसके खिलाफ जाने वालों के लिए बुरा अंजाम। आइए, हम उन लोगों में से न बनें जो सच्चाई के दुश्मन हैं, बल्कि उनमें से बनें जो सच्चाई के साथी हैं — क्योंकि सच्चाई ही कामयाबी की कुंजी है।



📜 आयत 3-7 — सूरा सबा

3وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا لَا تَأْتِينَا السَّاعَةُ ۖ قُلْ بَلَىٰ وَرَبِّي لَتَأْتِيَنَّكُمْ عَالِمِ الْغَيْبِ ۖ لَا يَعْزُبُ عَنْهُ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ فِي السَّمَاوَاتِ وَلَا فِي الْأَرْضِ وَلَا أَصْغَرُ مِن ذَٰلِكَ وَلَا أَكْبَرُ إِلَّا فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ
और कुफ्फार कहने लगे कि हम पर तो क़यामत आएगी ही नहीं (ऐ रसूल) तुम कह दो हॉ (हॉ) मुझ को अपने उस आलेमुल ग़ैब परवरदिगार की क़सम है जिससे ज़र्रा बराबर (कोई चीज़) न आसमान में छिपी हुई है और न ज़मीन में कि क़यामत ज़रूर आएगी और ज़र्रे से छोटी चीज़ और ज़र्रे से बडी (ग़रज़ जितनी चीज़े हैं सब) वाजेए व रौशन किताब लौहे महफूज़ में महफूज़ हैं
4لِّيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
ताकि जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और (अच्छे) काम किए उनको खुदा जज़ाए खैर दे यही वह लोग हैं जिनके लिए (गुनाहों की) मग़फेरत और (बहुत ही) इज्ज़त की रोज़ी है
5وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مِّن رِّجْزٍ أَلِيمٌ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के तोड़) में मुक़ाबिले की दौड़-धूप की उन ही के लिए दर्दनाक अज़ाब की सज़ा होगी
6وَيَرَى الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ الَّذِي أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ هُوَ الْحَقَّ وَيَهْدِي إِلَىٰ صِرَاطِ الْعَزِيزِ الْحَمِيدِ
और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म अता किया गया है वह जानते हैं कि जो (क़ुरान) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाज़िल हुआ है बिल्कुल ठीक है और सज़ावार हम्द (व सना) ग़ालिब (खुदा) की राह दिखाता है
7وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا هَلْ نَدُلُّكُمْ عَلَىٰ رَجُلٍ يُنَبِّئُكُمْ إِذَا مُزِّقْتُمْ كُلَّ مُمَزَّقٍ إِنَّكُمْ لَفِي خَلْقٍ جَدِيدٍ
और कुफ्फ़ार (मसख़रेपन से बाहम) कहते हैं कि कहो तो हम तुम्हें ऐसा आदमी (मोहम्मद) बता दें जो तुम से बयान करेगा कि जब तुम (मर कर सड़ ग़ल जाओगे और) बिल्कुल रेज़ा रेज़ा हो जाओगे तो तुम यक़ीनन एक नए जिस्म में आओगे
सबाकुरान सूची
54आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — सबा 5

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सूरा आयत 5/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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