Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَرَى: जानता है, देखता है (यहाँ अर्थ ज्ञान और विश्वास से है)
- أُوتُوا الْعِلْمَ: जिन्हें ज्ञान दिया गया (सच्चे विद्वान)
- الْحَقَّ: सत्य, वास्तविकता
- صِرَاطِ: मार्ग, रास्ता
- الْعَزِيزِ: वह जो अत्यंत शक्तिशाली हो, जिसे कोई पराजित न कर सके
- الْحَمِيدِ: वह जो हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य हो
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत उन लोगों की स्थिति का वर्णन करती है जिन्हें अल्लाह ने सच्चा ज्ञान प्रदान किया है। ये वे लोग हैं जिनके दिल खुले हैं, जिन्होंने अपने ज्ञान को अहंकार और हठधर्मिता से पाक रखा है। इनमें नबी ﷺ के सहाबा (साथी) शामिल हैं, साथ ही वे अहले-किताब (यहूदी और ईसाई) के विद्वान भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी पवित्र पुस्तकों में आप ﷺ के आगमन के संकेत पढ़े थे और फिर आप पर ईमान लाए।
ये ज्ञानी लोग देखते और जानते हैं कि जो कुरआन आप पर उतारा गया है, वही सत्य है। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह अल्लाह का कलाम है, किसी इंसान की रचना नहीं। यह सत्य को असत्य से, प्रकाश को अंधकार से और मार्गदर्शन को पथभ्रष्टता से अलग करता है।
यह कुरआन न केवल सत्य है बल्कि वह "अज़ीज़" (शक्तिशाली) के मार्ग की ओर भी मार्गदर्शन करता है। अज़ीज़ वह अल्लाह है जो सब पर विजयी है, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता, कोई उसकी इच्छा को रोक नहीं सकता। वह "हमीद" (प्रशंसित) है, अर्थात वह अपने सभी कथनों, कार्यों और आदेशों में प्रशंसा के योग्य है। उसकी हर आज्ञा में भलाई है, उसका हर फैसला न्याय पर है और उसका हर विधान बुद्धिमत्ता से भरा है।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ज्ञान वही है जो इंसान को अल्लाह के करीब ले जाए और उसे सीधे मार्ग पर चलाए। ज्ञान का उद्देश्य केवल दुनिया में सफलता नहीं, बल्कि आख़िरत की सफलता भी है। जो लोग इस कुरआन को समझकर उस पर अमल करते हैं, वे सबसे बड़ी सफलता पाने वाले हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि जब हृदय सच्चाई की तलाश में होता है, तो अल्लाह उसे कुरआन के माध्यम से सीधा रास्ता दिखा देता है। यह कुरआन वह रोशनी है जो अंधेरों में रास्ता दिखाती है। आइए, हम उन ज्ञानियों की श्रेणी में शामिल हों जिन्होंने इस सत्य को पहचाना और अपने जीवन को इसके अनुसार ढाला। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की सफलता का रास्ता है।
📜 आयत 4-8 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 6
सूरा सबा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म…सूरा आयत 6/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


