सबा · 6/54
अनुवाद उच्चारण — सबा
وَيَرَى الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ الَّذِي أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ هُوَ الْحَقَّ وَيَهْدِي إِلَىٰ صِرَاطِ الْعَزِيزِ الْحَمِيدِ ۝٦
Wa yaral lazeena utul `Ilmal lazeee unzila ilaika mir Rabbika huwal haqqa wa yahdeee ilaaa siraatil `Azeezil Hameed
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म अता किया गया है वह जानते हैं कि जो (क़ुरान) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाज़िल हुआ है बिल्कुल ठीक है और सज़ावार हम्द (व सना) ग़ालिब (खुदा) की राह दिखाता है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَرَى: जानता है, देखता है (यहाँ अर्थ ज्ञान और विश्वास से है)
  • أُوتُوا الْعِلْمَ: जिन्हें ज्ञान दिया गया (सच्चे विद्वान)
  • الْحَقَّ: सत्य, वास्तविकता
  • صِرَاطِ: मार्ग, रास्ता
  • الْعَزِيزِ: वह जो अत्यंत शक्तिशाली हो, जिसे कोई पराजित न कर सके
  • الْحَمِيدِ: वह जो हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य हो

विस्तृत व्याख्या:

यह आयत उन लोगों की स्थिति का वर्णन करती है जिन्हें अल्लाह ने सच्चा ज्ञान प्रदान किया है। ये वे लोग हैं जिनके दिल खुले हैं, जिन्होंने अपने ज्ञान को अहंकार और हठधर्मिता से पाक रखा है। इनमें नबी ﷺ के सहाबा (साथी) शामिल हैं, साथ ही वे अहले-किताब (यहूदी और ईसाई) के विद्वान भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी पवित्र पुस्तकों में आप ﷺ के आगमन के संकेत पढ़े थे और फिर आप पर ईमान लाए।

ये ज्ञानी लोग देखते और जानते हैं कि जो कुरआन आप पर उतारा गया है, वही सत्य है। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह अल्लाह का कलाम है, किसी इंसान की रचना नहीं। यह सत्य को असत्य से, प्रकाश को अंधकार से और मार्गदर्शन को पथभ्रष्टता से अलग करता है।

यह कुरआन न केवल सत्य है बल्कि वह "अज़ीज़" (शक्तिशाली) के मार्ग की ओर भी मार्गदर्शन करता है। अज़ीज़ वह अल्लाह है जो सब पर विजयी है, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता, कोई उसकी इच्छा को रोक नहीं सकता। वह "हमीद" (प्रशंसित) है, अर्थात वह अपने सभी कथनों, कार्यों और आदेशों में प्रशंसा के योग्य है। उसकी हर आज्ञा में भलाई है, उसका हर फैसला न्याय पर है और उसका हर विधान बुद्धिमत्ता से भरा है।

यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ज्ञान वही है जो इंसान को अल्लाह के करीब ले जाए और उसे सीधे मार्ग पर चलाए। ज्ञान का उद्देश्य केवल दुनिया में सफलता नहीं, बल्कि आख़िरत की सफलता भी है। जो लोग इस कुरआन को समझकर उस पर अमल करते हैं, वे सबसे बड़ी सफलता पाने वाले हैं।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि जब हृदय सच्चाई की तलाश में होता है, तो अल्लाह उसे कुरआन के माध्यम से सीधा रास्ता दिखा देता है। यह कुरआन वह रोशनी है जो अंधेरों में रास्ता दिखाती है। आइए, हम उन ज्ञानियों की श्रेणी में शामिल हों जिन्होंने इस सत्य को पहचाना और अपने जीवन को इसके अनुसार ढाला। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की सफलता का रास्ता है।



📜 आयत 4-8 — सबा

4لِّيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
ताकि जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और (अच्छे) काम किए उनको खुदा जज़ाए खैर दे यही वह लोग हैं जिनके लिए (गुनाहों की) मग़फेरत और (बहुत ही) इज्ज़त की रोज़ी है
5وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مِّن رِّجْزٍ أَلِيمٌ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के तोड़) में मुक़ाबिले की दौड़-धूप की उन ही के लिए दर्दनाक अज़ाब की सज़ा होगी
6وَيَرَى الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ الَّذِي أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ هُوَ الْحَقَّ وَيَهْدِي إِلَىٰ صِرَاطِ الْعَزِيزِ الْحَمِيدِ
और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म अता किया गया है वह जानते हैं कि जो (क़ुरान) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाज़िल हुआ है बिल्कुल ठीक है और सज़ावार हम्द (व सना) ग़ालिब (खुदा) की राह दिखाता है
7وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا هَلْ نَدُلُّكُمْ عَلَىٰ رَجُلٍ يُنَبِّئُكُمْ إِذَا مُزِّقْتُمْ كُلَّ مُمَزَّقٍ إِنَّكُمْ لَفِي خَلْقٍ جَدِيدٍ
और कुफ्फ़ार (मसख़रेपन से बाहम) कहते हैं कि कहो तो हम तुम्हें ऐसा आदमी (मोहम्मद) बता दें जो तुम से बयान करेगा कि जब तुम (मर कर सड़ ग़ल जाओगे और) बिल्कुल रेज़ा रेज़ा हो जाओगे तो तुम यक़ीनन एक नए जिस्म में आओगे
8أَفْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ كَذِبًا أَم بِهِ جِنَّةٌ ۗ بَلِ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ فِي الْعَذَابِ وَالضَّلَالِ الْبَعِيدِ
क्या उस शख्स (मोहम्मद) ने खुदा पर झूठ तूफान बाँधा है या उसे जुनून (हो गया) है (न मोहम्मद झूठा है न उसे जुनून है) बल्कि खुद वह लोग जो आख़ेरत पर ईमान नहीं रखते अज़ाब और पहले दरजे की गुमराही में पड़े हुए हैं
सबाकुरान सूची
54आयत
मक्कीRevelation
6आयत

अनुवाद — सबा 6

सूरा सबा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म…

सूरा आयत 6/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए