सबा · 4/54
अनुवाद उच्चारण — सूरा सबा
لِّيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ ۝٤
Liyajziyal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaat; ulaaa`ika lahum maghfiratunw wa rizqun kareem
📖 हिंदी अर्थ
ताकि जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और (अच्छे) काम किए उनको खुदा जज़ाए खैर दे यही वह लोग हैं जिनके लिए (गुनाहों की) मग़फेरत और (बहुत ही) इज्ज़त की रोज़ी है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لِيَجْزِيَ: ताकि वह बदला दे।
  • الَّذِينَ آمَنُوا: जो ईमान लाए।
  • عَمِلُوا الصَّالِحَاتِ: अच्छे कर्म किए।
  • مَغْفِرَةٌ: क्षमा, गुनाहों की माफी।
  • رِزْقٌ كَرِيمٌ: सम्मानित और उत्तम आजीविका (यानी जन्नत)।

तफसीर:

अल्लाह तआला ने अपने इल्म और लौह-ए-महफूज़ में हर चीज़ को दर्ज कर रखा है, यहाँ तक कि आसमानों और ज़मीन में एक ज़र्रा-बराबर चीज़ भी उससे छिपी नहीं है, न छोटी और न बड़ी। यह सब कुछ इसलिए है ताकि वह उन लोगों को बदला दे जो अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कर्म करते रहे। यही वे लोग हैं जिनके लिए उसकी ओर से मगफिरत (गुनाहों की क्षमा) है और करीम रिज़्क़ (सम्मानित आजीविका) है, जो कि जन्नत है।

यह आयत मोमिनीन के लिए खुशखबरी है कि उनका ईमान और नेक अमल कभी ज़ाया नहीं होगा। अल्लाह ने उनके लिए दो बड़ी नेअमतें तैयार की हैं: एक यह कि उनके सारे गुनाह माफ कर दिए जाएँगे, और दूसरी यह कि उन्हें ऐसा इनाम मिलेगा जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। यह अल्लाह का वादा है जो सच्चा और अटल है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है और उसकी रहमत उसके बंदों पर बेहद व्यापक है। जो लोग ईमान लाते हैं और अच्छे कर्म करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास माफी और बेहतरीन इनाम है। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अपने ईमान को मजबूत करें और अपने अमल को सुधारें, क्योंकि अल्लाह की रहमत और उसका इनाम उन्हीं के लिए है जो उस पर भरोसा करें और उसकी राह में नेक काम करें। याद रखें, दुनिया की कोई भी चीज़ उस इनाम के मुकाबले में नहीं है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है।



📜 आयत 2-6 — सूरा सबा

2يَعْلَمُ مَا يَلِجُ فِي الْأَرْضِ وَمَا يَخْرُجُ مِنْهَا وَمَا يَنزِلُ مِنَ السَّمَاءِ وَمَا يَعْرُجُ فِيهَا ۚ وَهُوَ الرَّحِيمُ الْغَفُورُ
(जो) चीज़ें (बीज वग़ैरह) ज़मीन में दाख़िल हुई है और जो चीज़ (दरख्त वग़ैरह) इसमें से निकलती है और जो चीज़ (पानी वग़ैरह) आसामन से नाज़िल होती है और जो चीज़ (नज़ारात फरिश्ते वग़ैरह) उस पर चढ़ती है (सब) को जानता है और वही बड़ा बख्शने वाला है
3وَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا لَا تَأْتِينَا السَّاعَةُ ۖ قُلْ بَلَىٰ وَرَبِّي لَتَأْتِيَنَّكُمْ عَالِمِ الْغَيْبِ ۖ لَا يَعْزُبُ عَنْهُ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ فِي السَّمَاوَاتِ وَلَا فِي الْأَرْضِ وَلَا أَصْغَرُ مِن ذَٰلِكَ وَلَا أَكْبَرُ إِلَّا فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ
और कुफ्फार कहने लगे कि हम पर तो क़यामत आएगी ही नहीं (ऐ रसूल) तुम कह दो हॉ (हॉ) मुझ को अपने उस आलेमुल ग़ैब परवरदिगार की क़सम है जिससे ज़र्रा बराबर (कोई चीज़) न आसमान में छिपी हुई है और न ज़मीन में कि क़यामत ज़रूर आएगी और ज़र्रे से छोटी चीज़ और ज़र्रे से बडी (ग़रज़ जितनी चीज़े हैं सब) वाजेए व रौशन किताब लौहे महफूज़ में महफूज़ हैं
4لِّيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
ताकि जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और (अच्छे) काम किए उनको खुदा जज़ाए खैर दे यही वह लोग हैं जिनके लिए (गुनाहों की) मग़फेरत और (बहुत ही) इज्ज़त की रोज़ी है
5وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مِّن رِّجْزٍ أَلِيمٌ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के तोड़) में मुक़ाबिले की दौड़-धूप की उन ही के लिए दर्दनाक अज़ाब की सज़ा होगी
6وَيَرَى الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ الَّذِي أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ هُوَ الْحَقَّ وَيَهْدِي إِلَىٰ صِرَاطِ الْعَزِيزِ الْحَمِيدِ
और (ऐ रसूल) जिन लोगों को (हमारी बारगाह से) इल्म अता किया गया है वह जानते हैं कि जो (क़ुरान) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम पर नाज़िल हुआ है बिल्कुल ठीक है और सज़ावार हम्द (व सना) ग़ालिब (खुदा) की राह दिखाता है
सबाकुरान सूची
54आयत
मक्कीअवतरण स्थान
4आयत

अनुवाद — सबा 4

सूरा सबा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और (अच्छे) काम…

सूरा आयत 4/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Tuesday, September 29, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए