फातिर · 9/45
अनुवाद उच्चारण — फातिर
وَاللَّهُ الَّذِي أَرْسَلَ الرِّيَاحَ فَتُثِيرُ سَحَابًا فَسُقْنَاهُ إِلَىٰ بَلَدٍ مَّيِّتٍ فَأَحْيَيْنَا بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ كَذَٰلِكَ النُّشُورُ ۝٩
Wallaahul lazeee arsalar riyaaha fatuseeru shaaban fasuqnaahu ilaa baladim maiyitin fa ahyaynaa bihil arda ba`da mawtihaa; kazaalikan nushoor
📖 हिंदी अर्थ
और ख़ुदा ही वह (क़ादिर व तवाना) है जो हवाओं को भेजता है तो हवाएँ बादलों को उड़ाए-उड़ाए फिरती है फिर हम उस बादल को मुर्दा (उफ़तादा) शहर की तरफ हका देते हैं फिर हम उसके ज़रिए से ज़मीन को उसके मर जाने के बाद शादाब कर देते हैं यूँ ही (मुर्दों को क़यामत में जी उठना होगा)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • रियाह (رياح): हवाएँ
  • तुसीरु (تُثِيرُ): उठाती हैं, चलाती हैं
  • सहाबन (سَحَابًا): बादल
  • बालदिन मय्यितिन (بَلَدٍ مَّيِّتٍ): ऐसा शहर या भूमि जहाँ कोई हरियाली न हो, सूखी और बंजर ज़मीन
  • अह्यैना (أَحْيَيْنَا): हमने जीवित कर दिया
  • नुशूर (النُّشُور): उठना, दोबारा जीवित होकर क़ब्रों से निकलना

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ही वह है जिसने हवाओं को भेजा, और ये हवाएँ बादलों को उठाती हैं और उन्हें इधर-उधर ले जाती हैं। फिर अल्लाह उन बादलों को एक सूखी, बंजर और मृत भूमि की ओर ले जाता है, जहाँ कोई पेड़-पौधे नहीं होते। वहाँ अल्लाह उन बादलों से पानी बरसाता है, और उस पानी के ज़रिए मृत भूमि को जीवित कर देता है — यानी वहाँ हरियाली उग आती है, खेती लहलहा उठती है, और वह ज़मीन जो पहले बंजर और बेकार थी, अचानक जीवन से भर जाती है।

यह अल्लाह की क़ुदरत का अज़ीम नमूना है। जिस तरह अल्लाह ने सूखी और मृत ज़मीन को पानी के ज़रिए जीवित किया, ठीक उसी तरह वह क़यामत के दिन मरे हुए इंसानों को क़ब्रों से उठाएगा। जो अल्लाह मृत भूमि को हरा-भरा कर सकता है, वह निश्चित रूप से मृत इंसानों को भी दोबारा ज़िंदा कर सकता है। यह कोई मुश्किल काम नहीं, बल्कि उसके लिए बेहद आसान है।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

प्यारे भाइयों और बहनों! जब आप बारिश के बाद धरती को हरा-भरा देखते हैं, तो याद रखें कि यह अल्लाह की उसी क़ुदरत का इशारा है जो क़यामत के दिन हम सबको ज़िंदा करके उठाएगी। जिस अल्लाह ने यह विशाल ब्रह्मांड बनाया, हवाओं को अपने आदेश का पाबंद किया, बादलों को उठाया और बंजर ज़मीन को जीवन दिया — क्या वह मरने के बाद हमें दोबारा नहीं उठा सकता? बिल्कुल उठा सकता है! यह ईमान की बुनियाद है। जो व्यक्ति इस हक़ीक़त पर यक़ीन रखता है, वह अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालता है, क्योंकि उसे पता है कि एक दिन उसे हिसाब देना है। यह ईमान इंसान को अच्छे कामों की तरफ़ ले जाता है और बुराइयों से दूर रखता है। आइए, हम इस आयत से सबक़ लें और अपने रब की क़ुदरत पर गहरा यक़ीन करें, क्योंकि यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — फातिर

7الَّذِينَ كَفَرُوا لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيدٌ ۖ وَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَأَجْرٌ كَبِيرٌ
जिन लोगों ने (दुनिया में) कुफ्र इख़तेयार किया उनके लिए (आखेरत में) सख्त अज़ाब है और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए उनके लिए (गुनाहों की) मग़फेरत और निहायत अच्छा बदला (बेहश्त) है
8أَفَمَن زُيِّنَ لَهُ سُوءُ عَمَلِهِ فَرَآهُ حَسَنًا ۖ فَإِنَّ اللَّهَ يُضِلُّ مَن يَشَاءُ وَيَهْدِي مَن يَشَاءُ ۖ فَلَا تَذْهَبْ نَفْسُكَ عَلَيْهِمْ حَسَرَاتٍ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ بِمَا يَصْنَعُونَ
तो भला वह शख्स जिसे उस का बुरा काम शैतानी (अग़वॉ से) अच्छा कर दिखाया गया है औ वह उसे अच्छा समझने लगा है (कभी मोमिन नेकोकार के बराबर हो सकता है हरगिज़ नहीं) तो यक़ीनी (बात) ये है कि ख़ुदा जिसे चाहता है गुमराही में छोड़ देता है और जिसे चाहता है राहे रास्त पर आने (की तौफ़ीक़) देता है तो (ऐ रसूल कहीं) उन (बदबख्तों) पर अफसोस कर करके तुम्हारे दम न निकल जाए जो कुछ ये लोग करते हैं ख़ुदा उससे खूब वाक़िफ़ है
9وَاللَّهُ الَّذِي أَرْسَلَ الرِّيَاحَ فَتُثِيرُ سَحَابًا فَسُقْنَاهُ إِلَىٰ بَلَدٍ مَّيِّتٍ فَأَحْيَيْنَا بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ كَذَٰلِكَ النُّشُورُ
और ख़ुदा ही वह (क़ादिर व तवाना) है जो हवाओं को भेजता है तो हवाएँ बादलों को उड़ाए-उड़ाए फिरती है फिर हम उस बादल को मुर्दा (उफ़तादा) शहर की तरफ हका देते हैं फिर हम उसके ज़रिए से ज़मीन को उसके मर जाने के बाद शादाब कर देते हैं यूँ ही (मुर्दों को क़यामत में जी उठना होगा)
10مَن كَانَ يُرِيدُ الْعِزَّةَ فَلِلَّهِ الْعِزَّةُ جَمِيعًا ۚ إِلَيْهِ يَصْعَدُ الْكَلِمُ الطَّيِّبُ وَالْعَمَلُ الصَّالِحُ يَرْفَعُهُ ۚ وَالَّذِينَ يَمْكُرُونَ السَّيِّئَاتِ لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيدٌ ۖ وَمَكْرُ أُولَٰئِكَ هُوَ يَبُورُ
जो शख्स इज्ज़त का ख्वाहाँ हो तो ख़ुदा से माँगे क्योंकि सारी इज्ज़त खुदा ही की है उसकी बारगाह तक अच्छी बातें (बुलन्द होकर) पहुँचतीं हैं और अच्छे काम को वह खुद बुलन्द फरमाता है और जो लोग (तुम्हारे ख़िलाफ) बुरी-बुरी तदबीरें करते रहते हैं उनके लिए क़यामत में सख्त अज़ाब है और (आख़िर) उन लोगों की तदबीर मटियामेट हो जाएगी
11وَاللَّهُ خَلَقَكُم مِّن تُرَابٍ ثُمَّ مِن نُّطْفَةٍ ثُمَّ جَعَلَكُمْ أَزْوَاجًا ۚ وَمَا تَحْمِلُ مِنْ أُنثَىٰ وَلَا تَضَعُ إِلَّا بِعِلْمِهِ ۚ وَمَا يُعَمَّرُ مِن مُّعَمَّرٍ وَلَا يُنقَصُ مِنْ عُمُرِهِ إِلَّا فِي كِتَابٍ ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرٌ
और खुदा ही ने तुम लोगों को (पहले पहल) मिट्टी से पैदा किया फिर नतफ़े से फिर तुमको जोड़ा (नर मादा) बनाया और बग़ैर उसके इल्म (इजाज़त) के न कोई औरत हमेला होती है और न जनती है और न किसी शख्स की उम्र में ज्यादती होती है और न किसी की उम्र से कमी की जाती है मगर वह किताब (लौहे महफूज़) में (ज़रूर) है बेशक ये बात खुदा पर बहुत ही आसान है
फातिरकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — फातिर 9

सूरा फातिर आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा ही वह (क़ादिर व तवाना) है जो हवाओं…

सूरा आयत 9/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए