अस-साफ्फात · 133/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
وَإِنَّ لُوطًا لَّمِنَ الْمُرْسَلِينَ ۝١٣٣
Wa inna Lootal laminal mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لُوطًا: अल्लाह के नबी लूत अलैहिस्सलाम, जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के भतीजे थे।
  • لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ: निश्चित रूप से रसूलों (पैग़म्बरों) में से हैं, यानी अल्लाह ने उन्हें अपने बंदों की ओर भेजा था।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी लूत अलैहिस्सलाम का ज़िक्र करते हुए फ़रमाते हैं कि लूत निश्चित रूप से उन रसूलों में से थे जिन्हें अल्लाह ने अपनी रहमत और हिदायत के साथ लोगों की ओर भेजा। उन्हें उस क़ौम की ओर भेजा गया जो बुराई और अश्लील कामों में डूबी हुई थी, ताकि वे उन्हें सीधे रास्ते पर लाएँ और अल्लाह की इबादत की तरफ बुलाएँ। लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को खूब समझाया, उन्हें अल्लाह का अज़ाब से डराया और नेकी की तरफ बुलाया, लेकिन उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया और अपनी बुराइयों पर अड़ी रही। आख़िरकार अल्लाह ने अपने नबी की दुआ क़बूल की, उन्हें और उनके अहल (परिवार) को उस अज़ाब से नजात दी जो उनकी क़ौम पर आया। हालाँकि, उनकी बीवी जो उनके साथ ईमान नहीं लाई थी, वह भी हलाक होने वालों में शामिल रही।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नबियों को चुनता है और उन्हें हिदायत का ज़रिया बनाता है। लूत अलैहिस्सलाम की क़ुरबानी और सब्र हमारे लिए मिसाल है — उन्होंने अकेले अपनी क़ौम के सामने हक़ की बात कही, और अल्लाह ने उन्हें कामयाबी अता की। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम भी नेकी की तरफ बुलाएँ, चाहे लोग हमारा मज़ाक़ उड़ाएँ या हमें अकेला समझें। अल्लाह अपने नेक बंदों की हमेशा मदद करता है और उन्हें बुराई के अंजाम से बचाता है। यही अल्लाह का वादा है — जो लोग उसके रास्ते पर चलते हैं, उन्हें वह कभी अकेला नहीं छोड़ता। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में लूत अलैहिस्सलाम की तरह सच्चाई पर साबित क़दम रहें और अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें।



📜 आयत 131-135 — सूरा अस-साफ्फात

131إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
हम यक़ीनन नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
132إِنَّهُ مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِينَ
बेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे
133وَإِنَّ لُوطًا لَّمِنَ الْمُرْسَلِينَ
और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे
134إِذْ نَجَّيْنَاهُ وَأَهْلَهُ أَجْمَعِينَ
जब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात दी
135إِلَّا عَجُوزًا فِي الْغَابِرِينَ
मगर एक (उनकी) बूढ़ी बीबी जो पीछे रह जाने वालों ही में थीं
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
133आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 133

सूरा अस-साफ्फात आयत 133 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में…

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Saturday, October 3, 2026

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