अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नज्जैना – हमने नजात दी, मुक्त किया।
- अह्ल – घर वाले, परिवार।
- अज्मईन – सभी, तमाम, एक साथ।
तफसीर:
यह आयत हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के उस महान सम्मान और करम का ज़िक्र कर रही है, जब अल्लाह तआला ने उन्हें और उनके पूरे घर वालों को उस भयानक अज़ाब से नजात दी जो उनकी क़ौम पर नाज़िल हुआ था। यह अल्लाह की उस रहमत और कुदरत का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वह अपने नेक बंदों को हर मुसीबत से बचा लेता है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) उस बस्ती में रहते थे जहाँ के लोग अत्याचार, व्यभिचार और घृणित कर्मों में डूबे हुए थे। जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो उसने अपने नबी को और उनके परिवार को उस विनाश से पूरी तरह सुरक्षित रखा। यहाँ "अज्मईन" (सभी) का शब्द बताता है कि उनके पूरे परिवार को बिना किसी कमी के बचा लिया गया, सिवाय उनकी पत्नी के, जो ईमान न लाई और काफ़िरों के साथ हलाक हो गई। यह अल्लाह का नियम है कि नजात सिर्फ उन्हीं को मिलती है जो ईमान और नेकी पर स्थिर रहते हैं, चाहे वह नबी का परिवार ही क्यों न हो। इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के साथ है, और वह अपने वादे को पूरा करने वाला है। जो लोग उसकी ओर रुजू करते हैं, उन्हें वह हर आफत से बचाता है। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम भी अपने जीवन में नेकी और ईमान को अपनाएँ, ताकि अल्लाह की पनाह और रहमत हमारे शामिल हो। याद रखें, अल्लाह की नजात सिर्फ दुनिया के अज़ाब तक सीमित नहीं, बल्कि आख़िरत की सफलता भी इसी ईमान और अमल पर निर्भर है। आइए, हम अपने दिलों को इस हक़ीक़त से रोशन करें कि अल्लाह अपने बंदों से बेपनाह मुहब्बत करता है और उन्हें हर बुराई से बचाना चाहता है, बशर्ते हम उसकी ओर सच्चे दिल से लौटें।
📜 आयत 132-136 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 134
सूरा अस-साफ्फात आयत 134 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात…सूरा आयत 134/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 132–136. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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