अस-साफ्फात · 132/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
إِنَّهُ مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِينَ ۝١٣٢
Innahoo min `ibaadinal mu`mineen
📖 हिंदी अर्थ
बेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • إِنَّهُ — निस्संदेह वह (अर्थात् इलियास अलैहिस्सलाम)
  • مِنْ عِبَادِنَا — हमारे (अल्लाह के) बन्दों में से
  • الْمُؤْمِنِينَ — सच्चे ईमान वाले

तफ़सीर:

यह आयत हज़रत इलियास अलैहिस्सलाम की महान शख्सियत की प्रशंसा में है। अल्लाह तआला उन्हें अपने विशेष और चुने हुए बन्दों में गिन रहा है। यहाँ "ईमान" का ज़िक्र करके अल्लाह ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका ईमान सिर्फ ज़ुबानी नहीं था, बल्कि दिल की गहराइयों से जुड़ा हुआ, पूर्ण विश्वास और यक़ीन पर आधारित था। वे अपने रब की आज्ञाओं का पालन करने वाले, उसकी इबादत में मशगूल रहने वाले और उसकी राह में हर कठिनाई सहन करने वाले थे।

इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अल्लाह के नज़दीक असली मरतबा और बुलंदी किसी ख़ानदान, जात या दौलत से नहीं, बल्कि ईमान और अच्छे आमाल से मिलती है। जो लोग अपने ईमान को सच्चा कर लेते हैं और अपने अमल को दुरुस्त कर लेते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में भी अच्छा नाम देता है और आख़िरत में भी उनके लिए बड़ा इनाम तैयार करता है।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने नेक बन्दों का ज़िक्र कुरआन में करके उन्हें हमेशा के लिए अमर कर देता है। हज़रत इलियास अलैहिस्सलाम की याद आज भी ज़िन्दा है, और क़यामत तक ज़िन्दा रहेगी। यह अल्लाह की सुन्नत है कि वह अपने नेक बन्दों का अच्छा ज़िक्र दुनिया में रखता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अपने अमल को सुधारें और अल्लाह के नेक बन्दों की तरह बनने की कोशिश करें, ताकि हम भी अल्लाह के "मोमिनीन" बन्दों में शामिल हो सकें और उसकी रहमत और मग़फिरत के हक़दार बन सकें।

🎧 सुनें

📜 आयत 130-134 — अस-साफ्फात

130سَلَامٌ عَلَىٰ إِلْ يَاسِينَ
कि (हर तरफ से) आले यासीन पर सलाम (ही सलाम) है
131إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
हम यक़ीनन नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
132إِنَّهُ مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِينَ
बेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे
133وَإِنَّ لُوطًا لَّمِنَ الْمُرْسَلِينَ
और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे
134إِذْ نَجَّيْنَاهُ وَأَهْلَهُ أَجْمَعِينَ
जब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात दी
अस-साफ्फातकुरान सूची
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अनुवाद — अस-साफ्फात 132

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Tuesday, August 18, 2026

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