अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُرْآنًا عَرَبِيًّا: अरबी भाषा में उतारा गया कुरआन
- غَيْرَ ذِي عِوَجٍ: जिसमें कोई टेढ़ापन, विरोधाभास या कमी नहीं
- لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ: ताकि वे अल्लाह से डरें और उसकी अवज्ञा से बचें
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने यह कुरआन मुबारक अरबी भाषा में उतारा, जो अत्यंत स्पष्ट, सरल और समझने में आसान है। इसमें कोई टेढ़ापन नहीं, कोई विरोधाभास नहीं, कोई कमी नहीं और न ही कोई भ्रम या संदेह की गुंजाइश है। यह एक ऐसी किताब है जो सीधे रास्ते पर चलने की पूरी रहनुमाई करती है।
इस कुरआन में अल्लाह ने पिछली उम्मतों की मिसालें, अच्छे और बुरे लोगों के अंजाम और हर तरह की नसीहतें बयान की हैं, ताकि लोग सोचें, समझें और अपनी गलतियों से बाज़ आएं। यह किताब किसी ख़ास ज़ात या गिरोह के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत की हिदायत के लिए उतारी गई है।
इसका मक़सद यह है कि लोग अल्लाह से डरें, उसके हुक्मों की पैरवी करें, उसकी मनाही से बचें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक ढालें। जब इंसान इस कुरआन को पढ़ता है और उस पर अमल करता है, तो उसका दिल रोशन हो जाता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह कुरआन हमारे लिए अल्लाह की सबसे बड़ी नेमत है। इसे पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुंचाएगा और हमें अल्लाह की रहमत का हक़दार बनाएगा। अल्लाह तआला हम सबको कुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 26-30 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 28
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (हम ने तो साफ और सलीस) एक अरबी कुरान (नाज़िल…सूरा आयत 28/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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