अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَبَدَا لَهُمْ – और उनके सामने प्रकट हो गया
- سَيِّئَاتُ مَا كَسَبُوا – उन कर्मों की बुराइयाँ (सज़ा) जो उन्होंने कमाई थीं
- وَحَاقَ بِهِمْ – और उन्हें घेर लिया
- مَا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ – वह (अज़ाब) जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के उस भयानक हालात का वर्णन कर रही है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, उसके रसूलों को झुठलाया और आख़िरत के अज़ाब का मज़ाक उड़ाया। जब क़यामत का दिन आएगा और उनके आमाल के पन्ने खोले जाएँगे, तो उनके सामने उनके बुरे कर्मों की सज़ा साफ़-साफ़ प्रकट हो जाएगी। वे देखेंगे कि जो कुछ उन्होंने दुनिया में किया था—शिर्क, नाफ़रमानी, ज़ुल्म, और अल्लाह के दीन का मज़ाक—उसका पूरा-पूरा बदला उनके सामने मौजूद है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि वह अज़ाब, जिसके बारे में उन्हें दुनिया में डराया जाता था और वे उसका मज़ाक उड़ाते थे, अब उन्हें चारों तरफ से घेर लेगा। कोई रास्ता नहीं बचेगा, कोई भागने की जगह नहीं होगी, और न ही कोई मददगार होगा। यह वही अज़ाब है जिसे वे दुनिया में "मज़ाक" समझते थे, लेकिन आज वह उनके सामने हक़ीक़त बनकर खड़ा है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है—कि हम अपने कर्मों से कभी बेख़बर न हों। अल्लाह ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने आमाल सुधार लें, तौबा कर लें, और उस रास्ते पर चलें जो उसकी रज़ा तक पहुँचाता है। क़यामत का दिन कोई मज़ाक नहीं है, बल्कि एक सच्चाई है जिस पर ईमान लाना और उसकी तैयारी करना ही असली समझदारी है।
अल्लाह हमें उन लोगों में से न बनाए जो आख़िरत का मज़ाक उड़ाते हैं, बल्कि हमें उन बंदों में शामिल करे जो उसके अज़ाब से डरते हैं, उसकी रहमत की उम्मीद रखते हैं, और अपने जीवन को उसकी इताअत में गुज़ारते हैं। आमीन।
📜 आयत 46-50 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 48
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो बदकिरदारियाँ उन लोगों ने की थीं (वह सब)…सूरा आयत 48/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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