Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُهِيتُ (मुझे रोका गया) — अर्थात मुझे मना किया गया।
- تَدْعُونَ (तुम पुकारते हो) — अर्थात तुम लोग इबादत के लिए पुकारते हो।
- الْبَيِّنَاتُ (स्पष्ट प्रमाण) — अर्थात वह स्पष्ट आयतें और तर्क जो सत्य को प्रकट करते हैं।
- أُسْلِمَ (मैं आत्मसमर्पण करूँ) — अर्थात पूर्ण रूप से आज्ञाकारी बनूँ।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप अपनी क़ौम के मुशरिकों से कह दीजिए: "मुझे सख्त रूप से रोक दिया गया है कि मैं उन्हें पूजूँ जिन्हें तुम अल्लाह के अलावा पुकारते हो — चाहे वे मूर्तियाँ हों, पुश्तैनी देवता हों, या कोई और। यह मनाही उस समय हुई जब मेरे पास मेरे रब की ओर से स्पष्ट प्रमाण, चमकती हुई आयतें और ठोस तर्क आ चुके हैं, जो यह साबित करते हैं कि इबादत के योग्य केवल अल्लाह ही है। ये प्रमाण इतने रौशन हैं कि किसी भी समझदार इंसान के लिए कोई संदेह नहीं बचता।"
"और मुझे यह भी आदेश दिया गया है कि मैं अपने आपको पूरी तरह से सारे जहानों के पालनहार के सामने समर्पित कर दूँ — अपने दिल, अपनी ज़ुबान, अपने अमल और अपनी पूरी ज़िंदगी के साथ। मेरा इस्लाम (आत्मसमर्पण) केवल उसी के लिए है जो सारी मख़लूक़ात का रब है, उसका कोई शरीक नहीं।"
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा मोमिन वही है जो सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करे और उसके सामने पूरी तरह झुक जाए। जब हमारे पास सच्चाई के स्पष्ट प्रमाण आ जाएँ, तो हमें बिना किसी झिझक के उसे क़बूल करना चाहिए। यह आयत हमें यह भी बताती है कि नबी ﷺ ने बड़ी बहादुरी और स्पष्टता के साथ अपना ईमान का रास्ता बयान किया — और हमें भी अपने ईमान पर दृढ़ रहना चाहिए, चाहे दुनिया कुछ भी कहे। अल्लाह की इबादत ही वह रास्ता है जो हमें सुकून, कामयाबी और जन्नत की तरफ ले जाता है। जो लोग अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारते हैं, वह उन्हें कोई नुक़्सान या फ़ायदा नहीं पहुँचा सकते — सिर्फ़ अल्लाह ही सुनने वाला, जवाब देने वाला और मदद करने वाला है।
📜 आयत 64-68 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 66
सूरा ग़ाफिर आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि जब मेरे पास मेरे…सूरा आयत 66/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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