अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثَمُودُ (समूद): समूद की क़ौम, जो हज़रत सालिह (अलैहिस्सलाम) की उम्मत थी।
- فَهَدَيْنَاهُمْ (फहदैनाहुम): हमने उन्हें सीधा रास्ता दिखाया, सत्य को स्पष्ट कर दिया।
- فَاسْتَحَبُّوا (फस्तहब्बू): उन्होंने पसंद किया, चुना।
- الْعَمَى (अल-अमा): अंधापन, यहाँ अर्थ है कुफ्र और गुमराही।
- الْهُدَى (अल-हुदा): हिदायत, ईमान और सत्य का मार्ग।
- صَاعِقَةُ (साइक़ा): कड़क, बिजली का गिरना, भयानक आज़ाब।
- الْهُونِ (अल-हून): अपमानजनक, ज़लील करने वाला।
- بِمَا كَانُوا يَكْسِبُونَ (बिमा कानू यक्सिबून): उनके उन कर्मों के कारण जो वे कमाते थे, यानी उनके कुफ्र और गुनाहों की वजह से।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में समूद की क़ौम का ज़िक्र कर रहे हैं, जो हज़रत सालिह (अलैहिस्सलाम) की उम्मत थी। अल्लाह ने उन्हें हिदायत का रास्ता साफ़-साफ़ दिखा दिया था, उनके पास नबी भेजे, चमत्कार (मोजिज़ा) दिखाया और सत्य को पूरी तरह वाज़ेह कर दिया। लेकिन उन्होंने अपनी समझ और इख्तियार से हिदायत को ठुकराकर गुमराही और कुफ्र को चुना। यानी उन्होंने जानबूझकर अंधेपन को रोशनी पर तरजीह दी।
अल्लाह का यह हिदायत देना उन पर हुज्जत क़ायम करना था, लेकिन उनकी सज़ा उनके अपने कर्मों का नतीजा थी। जब उन्होंने हक़ को नकारा और अपने गुनाहों पर अड़े रहे, तो अल्लाह ने उन पर एक भयानक कड़क (साइक़ा) भेजी जिसने उन्हें ज़लील और रुस्वा करके हलाक कर दिया। यह आज़ाब इतना सख्त था कि उनकी इज़्ज़त और शान मिट्टी में मिल गई।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की हिदायत के बाद भी अगर इंसान अपनी हठधर्मी पर अड़ा रहे और सत्य को नकारे, तो उसका अंजाम बहुत बुरा होता है। अल्लाह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि इंसान खुद अपने कर्मों से अपनी तबाही बुलाता है। यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए, क्योंकि हिदायत ही इंसान की कामयाबी है, और उससे मुँह मोड़ना ही बर्बादी का सबब है।
आज भी अल्लाह ने हमें कुरआन और सुन्नत के ज़रिए हिदायत दी है। हमें चाहिए कि हम इस हिदायत को गले लगाएँ, उस पर अमल करें और उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने रोशनी के बावजूद अंधेरा चुना। अल्लाह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 15-19 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 17
सूरा फुस्सिलत आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और रहे समूद तो हमने उनको सीधा रास्ता दिखाया, मगर…सूरा आयत 17/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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