अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَقْبَلُ التَّوْبَةَ: तौबा (पश्चाताप) को स्वीकार करता है।
- عَنْ عِبَادِهِ: अपने बंदों की ओर से।
- يَعْفُو عَنِ السَّيِّئَاتِ: बुराइयों को माफ कर देता है।
- يَعْلَمُ مَا تَفْعَلُونَ: वह जानता है जो कुछ तुम करते हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला वही है जो अपने बंदों की तौबा को स्वीकार करता है। जब कोई बंदा अपने गुनाहों पर पछतावा करते हुए, सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है—चाहे वह कुफ्र (अविश्वास) से लौटे या गुनाहों से—तो अल्लाह उसकी तौबा को कबूल करता है और उस पर अपनी रहमत की बारिश करता है। यह अल्लाह का बड़ा ही उदार स्वभाव है कि वह अपने बंदों के पश्चाताप को स्वीकार करता है, चाहे उनके गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों।
इसके बाद अल्लाह फरमाता है कि वह बुराइयों को माफ कर देता है। यानी जब बंदा तौबा करता है, तो अल्लाह उसके पिछले गुनाहों को मिटा देता है और उन्हें उसके खिलाफ दर्ज नहीं करता। यह अल्लाह की असीम दया और कृपा है कि वह अपने बंदों की गलतियों को न केवल माफ करता है, बल्कि उन्हें पूरी तरह मिटा भी देता है, जैसे वे कभी हुए ही न हों।
फिर अल्लाह फरमाता है: "और वह जानता है जो कुछ तुम करते हो।" यानी अल्लाह को तुम्हारे हर अच्छे और बुरे काम का पूरा ज्ञान है। उससे कोई भी चीज़ छिपी नहीं है—न तुम्हारे दिलों के राज़, न तुम्हारे अमल (कर्म)। वह सब कुछ देखता और जानता है, और वही तुम्हें तुम्हारे कर्मों का बदला देगा। यह बात हमें याद दिलाती है कि हमें हमेशा अच्छे काम करने चाहिए और बुराई से बचना चाहिए, क्योंकि अल्लाह सब कुछ देख रहा है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की सबसे बड़ी खुशखबरी देती है। अल्लाह का दरवाजा तौबा के लिए हमेशा खुला है। चाहे आपने कितने ही गुनाह किए हों, जब आप सच्चे दिल से अल्लाह की ओर लौटेंगे, तो वह आपकी तौबा ज़रूर कबूल करेगा। निराशा और मायूसी शैतान का हथियार है, जो हमें अल्लाह की रहमत से दूर रखना चाहता है। लेकिन अल्लाह की रहमत उसके गज़ब से कहीं बड़ी है।
तो आइए, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें, अल्लाह की ओर लौटें, और अपने जीवन को उसकी रज़ा (प्रसन्नता) के अनुसार ढालें। याद रखें, अल्लाह हमारे हर अमल को जानता है, और वही हमें उसका बदला देगा। अच्छाई की ओर बढ़ें, और अल्लाह की रहमत और माफी के साये में जीवन बिताएं। अल्लाह हम सबको तौबा करने की तौफीक दे और हमारे गुनाहों को माफ फरमाए। आमीन।
📜 आयत 23-27 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 25
सूरा अश-शूरा आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो है जो अपने बन्दों की तौबा क़ुबूल…सूरा आयत 25/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








