अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَجِيبُ: स्वीकार करता है, उत्तर देता है।
- الَّذِينَ آمَنُوا: वे लोग जो ईमान लाए।
- عَمِلُوا الصَّالِحَاتِ: अच्छे कर्म किए।
- مِن فَضْلِهِ: अपने अनुग्रह और कृपा से।
- عَذَابٌ شَدِيدٌ: कठोर एवं भयंकर यातना।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने उन बंदों की दुआएँ स्वीकार करता है जो उस पर ईमान रखते हैं और अपने जीवन को उसकी आज्ञा के अनुसार ढालते हैं। यह ईमान केवल ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल का यक़ीन और अच्छे कर्मों से प्रमाणित होता है। जब ये लोग अल्लाह से दुआ करते हैं, तो वह उनकी पुकार सुनता है और उनकी ज़रूरतें पूरी करता है।
यह अल्लाह का अत्यंत अनुग्रह है कि वह न केवल उनकी दुआएँ स्वीकार करता है, बल्कि उनके अच्छे कर्मों के बदले में उन्हें और अधिक देता है—जो उन्होंने माँगा भी नहीं होता। वह उन्हें अपनी ओर से तौफ़ीक़ (सफलता), हिदायत (मार्गदर्शन), और अज्र (प्रतिफल) में वृद्धि प्रदान करता है। यह उसकी असीम दया और कृपा का प्रमाण है कि वह अपने नेक बंदों को उनकी उम्मीद से भी बढ़कर देता है।
इसके विपरीत, जो लोग अल्लाह और उसके रसूल को नकारते हैं और उसकी आयतों को झुठलाते हैं, उनके लिए क़ियामत के दिन एक ऐसा कठोर और दर्दनाक अज़ाब तैयार है जिसकी कोई मिसाल नहीं। यह अज़ाब उनके कुफ्र और अवज्ञा का न्यायसंगत परिणाम होगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और उसकी पकड़ दोनों असीम हैं। जो लोग उसकी ओर रुजू करते हैं, वह उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है, और जो उससे मुँह मोड़ते हैं, वे अपने लिए केवल अफ़सोस और यातना का सामान करते हैं। आइए हम अपने जीवन को ईमान और अच्छे कर्मों से सजाएँ, ताकि हम अल्लाह के उन बंदों में शामिल हों जिनकी दुआएँ स्वीकार होती हैं और जिन्हें उसके अनुग्रह से अतिरिक्त नेमतें मिलती हैं। यही सच्ची सफलता है, और यही वह मार्ग है जो हमें जन्नत की ओर ले जाता है।
📜 आयत 24-28 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 26
सूरा अश-शूरा आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम करते…सूरा आयत 26/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








