अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- वह्यन (وَحْيًا): अल्लाह का अपने नबी के दिल में कोई बात डाल देना, या सपने के माध्यम से इल्हाम करना।
- मिन वराइ हिजाब (مِن وَرَاءِ حِجَابٍ): परदे के पीछे से, यानी बिना देखे अल्लाह की आवाज़ सुनना।
- रसूलन (رَسُولًا): फ़रिश्ता, जैसे जिब्रील (अलैहिस्सलाम)।
- अलिय्युन (عَلِيٌّ): बुलंद, सर्वोच्च, जो हर चीज़ से ऊपर हो।
- हकीम (حَكِيمٌ): हर काम में हिकमत (समझदारी और निपुणता) रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुसलमानों को अल्लाह और उसके नबियों के बीच के रिश्ते की असली हकीकत समझाती है। अल्लाह तआला ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी इंसान के लिए यह संभव नहीं है कि वह अल्लाह से सीधे आमने-सामने बैठकर बात करे, क्योंकि अल्लाह की शान और अज़मत इससे कहीं बढ़कर है। अल्लाह से कلام (बातचीत) के केवल तीन तरीके हैं:
पहला तरीका: वह्य (इल्हाम) — यानी अल्लाह किसी नबी के दिल में सीधे कोई बात डाल देता है, या सपने के ज़रिए उसे हिदायत देता है। यह सबसे आम तरीका है जो ज़्यादातर नबियों के साथ हुआ।
दूसरा तरीका: परदे के पीछे से — जैसे अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) से बात की। वे अल्लाह को देख नहीं सकते थे, लेकिन उनकी आवाज़ सुनते थे। यह एक बहुत बड़ा सम्मान था जो अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को दिया।
तीसरा तरीका: अल्लाह किसी फ़रिश्ते (जैसे जिब्रील) को भेजता है, और वह फ़रिश्ता अल्लाह का पैग़ाम नबी तक पहुँचाता है। यह तरीका हमारे प्यारे नबी मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को ज़्यादातर इसी तरह वह्य आती थी।
इस आयत में अल्लाह तआला की बात करने की सिफ़त (गुण) साबित होती है, लेकिन इस तरह जो उसकी शान के लायक है — बिना किसी मख़लूक़ (प्राणी) से मिलती-जुलती। अल्लाह ने अपनी बुलंदी और हिकमत का ज़िक्र करके यह बताया कि वह हर चीज़ से ऊपर है, और उसका हर काम हिकमत पर आधारित है।
दावती पहलू (प्रेरक संदेश):
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसके नबियों की तरफ से मिलने वाली नेमत की क़द्र करना सिखाती है। जिस अल्लाह ने अपने बंदों की हिदायत के लिए इतने तरीके चुने, वह कितना मेहरबान और रहीम है! हमें चाहिए कि हम उसके भेजे हुए कुरान और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को पकड़ें, क्योंकि यही अल्लाह की तरफ से हम तक पहुँचने वाला आख़िरी पैग़ाम है। जो शख्स इसे अपनाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। अल्लाह की बुलंदी और हिकमत पर भरोसा रखें — वही सबसे अच्छा रास्ता दिखाने वाला है।
📜 आयत 49-53 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 51
सूरा अश-शूरा आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और किसी आदमी के लिए ये मुमकिन नहीं कि ख़ुदा…सूरा आयत 51/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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