अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अन्ज़लनाहु (أَنزَلْنَاهُ): हमने इसे उतारा — यहाँ "इसे" से अर्थ क़ुरआन है।
- मुबारक (مُبَارَكَةٍ): बरकत वाली, जिसमें ख़ैर और भलाई बहुत हो।
- मुन्ज़िरीन (مُنذِرِينَ): डराने वाले, सावधान करने वाले — यानी अल्लाह के पैग़म्बर और उनकी शिक्षाएँ।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने यह क़ुरआन एक बरकत वाली रात में उतारा — और वह रात "लैलतुल क़द्र" है, जो रमज़ान के महीने में आती है। यह रात इतनी बरकत वाली है कि उसमें हज़ार महीनों से बेहतर इबादत का सवाब मिलता है। इसी रात को क़ुरआन पूरा का पूरा लौहे महफ़ूज़ से आसमाने दुनिया पर उतारा गया, और फिर धीरे-धीरे हमारे प्यारे नबी ﷺ पर 23 सालों में नाज़िल हुआ।
अल्लाह ने यह क़ुरआन क्यों उतारा? इसलिए कि वह अपने बंदों को सच्चा रास्ता दिखाए, उन्हें अज़ाब से डराए और जन्नत की ख़ुशख़बरी दे। अल्लाह ने पैग़म्बरों को भेजा और किताबें उतारीं ताकि लोगों के पास कोई बहाना न रहे कि हमें पता ही नहीं था। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने अपने बंदों को अंधेरे में नहीं छोड़ा, बल्कि हिदायत का नूर दिया।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है — अल्लाह ने हम पर इतना बड़ा एहसान किया कि हमें अपनी किताब दी, जो हर ज़रूरत का हल बताती है। हमें चाहिए कि इस क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो लोग क़ुरआन को छोड़ देंगे, वे दुनिया में भी गुमराह रहेंगे और आख़िरत में भी नुक़सान उठाएँगे। लेकिन जो इसे पकड़ लेंगे, अल्लाह उन्हें सीधे रास्ते पर चलाएगा और उनकी ज़िंदगी में बरकत डालेगा।
याद रखिए — यह रात (लैलतुल क़द्र) हर साल आती है, और अल्लाह ने इसे अपने बंदों के लिए रहमत का ख़ज़ाना बनाया है। हमें चाहिए कि इस रात को इबादत में गुज़ारें, क़ुरआन पढ़ें, दुआ करें और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी माँगें। यही वह रात है जिसके बारे में क़ुरआन में कहा गया है कि यह हज़ार महीनों से बेहतर है।
📜 आयत 1-5 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 3
सूरा अद-दुखान आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने इसको मुबारक रात (शबे क़द्र) में नाज़िल किया बेशक…सूरा आयत 3/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








