अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- हुदा (هدى): मार्गदर्शन, सत्य का रास्ता दिखाने वाला।
- कफ़रू (كفروا): इनकार किया, झुठलाया।
- आयात (آيات): निशानियाँ, प्रमाण, यहाँ परमेश्वर की प्रकट की हुई आयतें (क़ुरआन की आयतें)।
- रिज़्ज़ (رجز): सबसे कठोर और भयानक यातना, गंदा और अपवित्र अज़ाब।
- अलीम (أليم): दर्दनाक, बहुत पीड़ा देने वाला।
व्याख्या:
यह क़ुरआन, जो अल्लाह ने अपने पैग़म्बर (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारा है, सत्य का स्पष्ट मार्गदर्शन है। यह अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला दीपक है, जो हर उस व्यक्ति को सीधा रास्ता दिखाता है जो इसे अपनाता है और इस पर अमल करता है। यह वह हिदायत है जो इंसान को भटकाव से बचाकर उसकी दुनिया और आख़िरत दोनों को संवारती है।
लेकिन जिन लोगों ने अपने रब की आयतों को झुठलाया और उन पर ईमान नहीं लाए, उनके लिए क़ियामत के दिन सबसे भयानक और दर्दनाक यातना तैयार है। यह अज़ाब किसी साधारण सज़ा जैसा नहीं होगा, बल्कि "रिज़्ज़" कहा गया है—यानी सबसे कड़ा, सबसे अपमानजनक और सबसे पीड़ादायक अज़ाब, जिसकी कोई मिसाल नहीं।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि अल्लाह का क़ुरआन हमारे लिए कितनी बड़ी रहमत है। यह वह रास्ता है जो हमें जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत की ओर ले जाता है। जो इसे पकड़ ले, वह कभी नहीं भटक सकता। और जो इसे ठुकरा दे, उसका अंजाम बहुत बुरा है।
आओ, हम इस नेमत की क़द्र करें, इसे पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही हमारी सफलता की कुंजी है—दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में नजात। अल्लाह हम सबको क़ुरआन पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 9-13 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 11
सूरा अल-जासिया आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये (क़ुरान) है और जिन लोगों ने अपने परवरदिगार की…सूरा आयत 11/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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