अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتِي: मेरी आयतें, मेरे प्रमाण, मेरे संकेत।
- تُتْلَى: पढ़ी जाती थीं, सुनाई जाती थीं।
- فَاسْتَكْبَرْتُمْ: तो तुमने घमंड किया, अहंकार किया।
- مُجْرِمِينَ: अपराधी, गुनाहगार, काफिर।
तफसीर (व्याख्या):
जिन लोगों ने अल्लाह को नकारा और उसके रसूलों को झुठलाया, उनसे क़यामत के दिन पूछा जाएगा — ऐसे सवाल के रूप में जो उन्हें शर्मिंदा करे और उनके दिलों को जला दे — कि "क्या मेरी आयतें तुम्हारे सामने नहीं पढ़ी जाती थीं? क्या तुम्हें मेरे प्रमाण नहीं सुनाए गए थे?" यह सवाल इसलिए नहीं होगा कि अल्लाह को उनके हाल का पता नहीं, बल्कि इसलिए होगा कि उनके ऊपर सबूत क़ायम हो जाए और उनके पास कोई बहाना न बचे।
तो उनका जवाब होगा — हाँ, आयतें हमारे सामने पढ़ी जाती थीं, लेकिन हमने उन्हें सुनने से घमंड किया, उन पर ईमान लाने से अहंकार किया। हमने अपने आप को बड़ा समझा और सच्चाई के आगे झुकना गवारा नहीं किया। हम ऐसे लोग थे जो गुनाहों में डूबे हुए थे — शिर्क करते थे, अल्लाह के साथ दूसरों को साझी ठहराते थे, और उसके हुक्मों की परवाह नहीं करते थे। हम न तो सज़ा पर विश्वास रखते थे और न ही इनाम पर, इसलिए हमने अपनी ज़िंदगी में जो चाहा किया, जो मन में आया कर दिया।
यह वह मौका होगा जब उनकी आँखें खुलेंगी, लेकिन तब बहुत देर हो चुकी होगी। अफसोस और पछतावे के सिवा उनके पास कुछ नहीं होगा।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आज हमारे पास अल्लाह की आयतें — कुरआन — मौजूद है। हम इसे पढ़ते हैं, सुनते हैं, लेकिन क्या हम इस पर अमल करते हैं? क्या हम इसके आगे अपने आप को झुकाते हैं? या फिर हम भी उन लोगों की तरह हैं जो सुनते हैं लेकिन घमंड की वजह से मानते नहीं? याद रखिए, अल्लाह की आयतें हमारे लिए रहमत और हिदायत हैं, और जो इन्हें अपनाएगा वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। आइए, हम अपने घमंड को तोड़ें, अपने अहंकार को मिटाएँ, और अल्लाह के सामने अपने आप को झुका दें — क्योंकि जो अल्लाह के आगे झुकता है, अल्लाह उसे सबसे ऊँचा उठाता है। यही सच्ची कामयाबी है, और यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत की राहत तक पहुँचाएगा।
📜 आयत 29-33 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 31
सूरा अल-जासिया आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन्होंने कुफ्र एख्तेयार किया (उनसे कहा जाएगा) तो क्या…सूरा आयत 31/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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