अल-जासिया · 32/37
अनुवाद उच्चारण — अल-जासिया
وَإِذَا قِيلَ إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ وَالسَّاعَةُ لَا رَيْبَ فِيهَا قُلْتُم مَّا نَدْرِي مَا السَّاعَةُ إِن نَّظُنُّ إِلَّا ظَنًّا وَمَا نَحْنُ بِمُسْتَيْقِنِينَ ٣٢
Transliteration
Wa izaa qeela inna wa`dallaahi haqqunw was Saa`atu laa raiba feehaa qultum maa nadree mas Saa`atu in nazunnu illaa zannanw wa maa nahnu bimustaiqineen
अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और जब (तुम से) कहा जाता था कि ख़ुदा का वायदा सच्चा है और क़यामत (के आने) में कुछ शुबहा नहीं तो तुम कहते थे कि हम नहीं जानते कि क़यामत क्या चीज़ है हम तो बस (उसे) एक ख्याली बात समझते हैं और हम तो (उसका) यक़ीन नहीं रखते
Additional reference in اردو
🎧 सुनें
📜 आयत 30-34 — अल-जासिया
30فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَيُدْخِلُهُمْ رَبُّهُمْ فِي رَحْمَتِهِ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْمُبِينُ
ग़रज़ जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे (अच्छे) काम किये तो उनको उनका परवरदिगार अपनी रहमत (से बेहिश्त) में दाख़िल करेगा यही तो सरीही कामयाबी है
31وَأَمَّا الَّذِينَ كَفَرُوا أَفَلَمْ تَكُنْ آيَاتِي تُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ فَاسْتَكْبَرْتُمْ وَكُنتُمْ قَوْمًا مُّجْرِمِينَ
और जिन्होंने कुफ्र एख्तेयार किया (उनसे कहा जाएगा) तो क्या तुम्हारे सामने हमारी आयतें नहीं पढ़ी जाती थीं (ज़रूर) तो तुमने तकब्बुर किया और तुम लोग तो गुनेहगार हो गए
32وَإِذَا قِيلَ إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ وَالسَّاعَةُ لَا رَيْبَ فِيهَا قُلْتُم مَّا نَدْرِي مَا السَّاعَةُ إِن نَّظُنُّ إِلَّا ظَنًّا وَمَا نَحْنُ بِمُسْتَيْقِنِينَ
और जब (तुम से) कहा जाता था कि ख़ुदा का वायदा सच्चा है और क़यामत (के आने) में कुछ शुबहा नहीं तो तुम कहते थे कि हम नहीं जानते कि क़यामत क्या चीज़ है हम तो बस (उसे) एक ख्याली बात समझते हैं और हम तो (उसका) यक़ीन नहीं रखते
33وَبَدَا لَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ
और उनके करतूतों की बुराईयाँ उस पर ज़ाहिर हो जाएँगी और जिस (अज़ाब) की ये हँसी उड़ाया करते थे उन्हें (हर तरफ से) घेर लेगा
34وَقِيلَ الْيَوْمَ نَنسَاكُمْ كَمَا نَسِيتُمْ لِقَاءَ يَوْمِكُمْ هَٰذَا وَمَأْوَاكُمُ النَّارُ وَمَا لَكُم مِّن نَّاصِرِينَ
और (उनसे) कहा जाएगा कि जिस तरह तुमने उस दिन के आने को भुला दिया था उसी तरह आज हम तुमको अपनी रहमत से अमदन भुला देंगे और तुम्हारा ठिकाना दोज़ख़ है और कोई तुम्हारा मददगार नहीं
अल-जासियाकुरान सूची
37आयत
मक्कीRevelation
32आयत
अनुवाद — अल-जासिया 32
सूरा अल-जासिया आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब (तुम से) कहा जाता था कि ख़ुदा का…सूरा आयत 32/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
العربية
English
Bahasa Indonesia
Türkçe
Русский
فارسی
Français
اردو
বাংলা
Deutsch
Español
中文
हिन्दी
Português
Italiano
ภาษาไทย
Polski
Nederlands
Shqip
Kiswahili
O'zbek
தமிழ்
Melayu
Bosanski
Soomaali
Azərbaycan
کوردی
한국어
日本語
Svenska
Dansk
Norsk
پښتو
മലയാളം
සිංහල
Tamazight
Hausa
አማርኛ
Български
Тоҷикӣ
Қазақша
Filipino
سنڌي
Yorùbá
Fulfulde
Татарча
ئۇيغۇرچە
Кыргызча
ਪੰਜਾਬੀ
Jawa
తెలుగు
မြန်မာ
ગુજરાતી
Oromo
मराठी
Tiếng Việt
Malagasy
Нохчийн
Wolof
ދިވެހި
ಕನ್ನಡ
Українська
Ελληνικά
ქართული
ខ្មែរ
دری
Qafar af
Maranao
नेपाली
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








