Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- صَرَفْنَا: हमने मोड़ा / भेजा
- نَفَرًا: एक समूह / कुछ लोग
- أَنصِتُوا: चुप रहो / ध्यान से सुनो
- قُضِيَ: पूरा किया गया (तिलावत समाप्त हुई)
- وَلَّوْا: वापस लौटे
- مُّنذِرِينَ: डराने वाले / सावधान करने वाले
तफसीर:
ऐ नबी! उस समय को याद करो जब हमने जिन्नात के एक समूह को तुम्हारी ओर भेजा, ताकि वे क़ुरआन सुनें। जब वे वहाँ पहुँचे जहाँ तुम क़ुरआन पढ़ रहे थे, तो उन्होंने एक-दूसरे से कहा: "चुप रहो और ध्यान से सुनो!" वे पूरे अदब और गहरी तवज्जोह के साथ क़ुरआन सुनते रहे। जब तिलावत समाप्त हुई, तो उनके दिलों पर क़ुरआन का गहरा असर हुआ और वे ईमान की रोशनी से मुनव्वर हो गए। फिर वे अपनी क़ौम की तरफ लौटे और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराने और क़ुरआन की हिदायत की दावत देने वाले बनकर गए।
यह वाक़िया इस बात का सबूत है कि क़ुरआन सिर्फ़ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जिन्नात के लिए भी हिदायत और रहमत है। जब जिन्नात ने क़ुरआन सुना, तो वे इससे प्रभावित हुए बिना न रह सके। यह क़ुरआन की अज़मत और उसकी असरअंगेज़ी को दर्शाता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि क़ुरआन को सुनते समय पूरा अदब और खामोशी रखनी चाहिए, क्योंकि यह अल्लाह का कलाम है। जब जिन्नात — जो आग से बनाए गए हैं — क़ुरआन से इस कदर प्रभावित हुए, तो हम इंसानों को तो और भी ज़्यादा क़ुरआन की तिलावत पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए।
यह वाक़िया हमारे लिए एक नुस्ख़त है कि हिदायत किसी भी मख़लूक़ के लिए खुली है — इंसान हो या जिन्न — बशर्ते वह सच्चे दिल से सुनने और समझने की कोशिश करे। अल्लाह ने क़ुरआन को हर युग और हर क़ौम के लिए हिदायत का ज़रिया बनाया है। हमें भी चाहिए कि क़ुरआन को सुनें, समझें, और उस पर अमल करके अपनी ज़िंदगी को सफल बनाएं।
📜 आयत 27-31 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 29
सूरा अल-अहकाफ आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब हमने जिनों में से कई शख़्शों को तुम्हारी…सूरा आयत 29/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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