अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- किताब: पुस्तक, यहाँ अर्थ है क़ुरआन।
- मुसद्दिक़न: सत्यापित करने वाला, पुष्टि करने वाला।
- मा बैना यदैहि: जो उसके सामने है, अर्थात पिछली आसमानी किताबें (तौरात)।
- अल-हक़: सत्य, सही बात।
- तरीक़ मुस्तक़ीम: सीधा और सही रास्ता।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब जिन्नों के एक समूह ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से क़ुरआन की आयतें सुनीं, तो वे उससे बहुत प्रभावित हुए और अपनी क़ौम के पास लौटकर उन्हें यह संदेश देने लगे। उन्होंने कहा: "ऐ हमारी क़ौम! हमने एक अद्भुत किताब सुनी है जो मूसा (अलैहिस्सलाम) के बाद उतारी गई है। यह किताब उन सभी पिछली किताबों की पुष्टि करती है जो अल्लाह ने अपने नबियों पर उतारी थीं, विशेष रूप से तौरात की। यह किताब लोगों को सत्य की ओर मार्गदर्शन करती है और उन्हें सीधे रास्ते पर चलने की शिक्षा देती है।"
यह किताब (क़ुरआन) केवल एक साधारण पुस्तक नहीं है, बल्कि यह वह प्रकाश है जो अंधकार से निकालकर उजाले की ओर ले जाता है। यह हर उस व्यक्ति के लिए मार्गदर्शन है जो सत्य की खोज में है। यह उन्हें अल्लाह की ओर बुलाती है, उसके आदेशों का पालन करने की शिक्षा देती है, और उन्हें उस सीधे रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है जो उन्हें अल्लाह की रहमत और उसकी जन्नत तक पहुँचाता है।
यह वही रास्ता है जो इस्लाम है—एक ऐसा रास्ता जो इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई देता है। यह रास्ता अल्लाह की इबादत, उसके रसूल की पैरवी, और अच्छे कर्मों की ओर ले जाता है। यह वह रास्ता है जो इंसान को जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत की ओर ले जाता है।
दावत का पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब सत्य हमारे सामने आए, तो हमें उसे खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए, जैसे उन जिन्नों ने किया। उन्होंने क़ुरआन सुनते ही उसे पहचान लिया और अपनी क़ौम को भी उसकी ओर बुलाया। यह हमारे लिए एक सबक है कि हम भी क़ुरआन को पढ़ें, समझें, और उस पर अमल करें। क़ुरआन वह किताब है जो हमें हर अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाती है। यह हमें सीधा रास्ता दिखाती है और हमें उस सच्चाई से मिलाती है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देती है।
अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 28-32 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 30
सूरा अल-अहकाफ आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि (उनको अज़ाब से) डराएं तो उन से कहना शुरू…सूरा आयत 30/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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