Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
फिर तुम दोनों (इंसानों और जिन्नों) अपने रब की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
इस आयत में अल्लाह तआला ने इंसानों और जिन्नों दोनों को सम्बोधित किया है और उनसे पूछा है कि आखिर तुम अपने रब की किन नेमतों को झुठलाओगे? यह प्रश्न उन अनगिनत नेमतों की ओर इशारा करता है जो अल्लाह ने अपने बन्दों को प्रदान की हैं। यह आयत सूरह अर-रहमान की एक महत्वपूर्ण आयत है जो बार-बार दोहराई गई है, ताकि इंसान और जिन्न अल्लाह की नेमतों पर ग़ौर करें और उन्हें पहचानें।
इस आयत में "आलाअ" शब्द का अर्थ है नेमतें और अहसान। अल्लाह तआला ने इंसानों और जिन्नों को जो अनगिनत नेमतें दी हैं—जैसे जीवन, स्वास्थ्य, आसमान, ज़मीन, सूरज, चाँद, पानी, खाना, और सबसे बड़ी नेमत ईमान और हिदायत—उनमें से किसे वे झुठला सकते हैं? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका कोई उत्तर नहीं है, क्योंकि हर नेमत अल्लाह की तरफ से है और उसे झुठलाना नाशुक्री है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने रब की हर नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए और उसे पहचानना चाहिए। अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से हमें जो कुछ भी दिया है, वह उसकी मेहरबानी है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़ुबान से अल्लाह की तारीफ करें, अपने दिल से उसका शुक्र अदा करें, और अपने अंगों से उसकी इबादत करें। यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की नेमतें इतनी अधिक हैं कि उन्हें गिनना मुश्किल है, और हमें उनके लिए अल्लाह का शुक्रगुज़ार होना चाहिए।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन में अल्लाह की नेमतों को पहचानना चाहिए और उनका सही उपयोग करना चाहिए। जो व्यक्ति अल्लाह की नेमतों को पहचानता है और उनका शुक्र अदा करता है, अल्लाह उसे और अधिक नेमतें प्रदान करता है। यह आयत हमें अल्लाह की रहमत और करम की याद दिलाती है और हमें उसकी तरफ खींचती है। हमें चाहिए कि हम इस आयत पर ग़ौर करें और अपने जीवन को अल्लाह की नेमतों के शुक्र में बदल दें।
📜 आयत 57-61 — सूरा अर-रहमान
अनुवाद — अर-रहमान 59
सूरा अर-रहमान आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम दोनों अपने परवरदिगार की किन किन नेअमतों से…सूरा आयत 59/78 — सूरा अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रहमान सुनें, सूरा अर-रहमान अनुवाद, सूरा अर-रहमान mp3, सूरा अर-रहमान pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अर-रहमान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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