अर-रहमान · 60/78
अनुवाद उच्चारण — अर-रहमान
هَلْ جَزَاءُ الْإِحْسَانِ إِلَّا الْإِحْسَانُ ۝٦٠
Hal jazaaa`ul ihsaani illal ihsaan
📖 हिंदी अर्थ
भला नेकी का बदला नेकी के सिवा कुछ और भी है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • جَزَاءُ (बदला) – किसी अच्छे काम के बदले में मिलने वाला प्रतिफल।
  • الْإِحْسَانِ (एहसान) – यहाँ इसका अर्थ है अल्लाह की इबादत इस तरह करना जैसे आप उसे देख रहे हों, और यदि आप उसे नहीं देखते तो वह आपको ज़रूर देख रहा है। साथ ही, इसका अर्थ अच्छे कर्म और नेकी भी है।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत एक सुंदर और अत्यंत प्रेरणादायक प्रश्न पूछती है: "क्या एहसान (नेकी) का बदला एहसान के अलावा कुछ और हो सकता है?" यानी जो व्यक्ति अपने जीवन में अल्लाह की आज्ञा का पालन करते हुए, उसकी इबादत करते हुए और उसके बंदों के साथ भलाई करते हुए एहसान का रास्ता अपनाता है, उसका बदला अल्लाह की ओर से भी एहसान ही होगा। अल्लाह उसे अपनी रहमत, क्षमा और सबसे बड़ा इनाम – जन्नत – प्रदान करेगा।

यहाँ "एहसान" का पहला अर्थ है अल्लाह की इबादत में एकाग्रता और शुद्धता, और दूसरा अर्थ है अल्लाह का अपने बंदे पर एहसान, यानी उसे जन्नत में दाखिल करना और उसके चेहरे की रौशनी से नवाज़ना। यह अल्लाह का अटल नियम है कि वह अपने नेक बंदों को उनके अच्छे कर्मों का बदला अच्छाई के साथ देता है।

इस आयत में एक गहरा संदेश है: जैसे आप अल्लाह के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं (उसकी आज्ञा मानकर), वैसे ही अल्लाह आपके साथ अच्छा व्यवहार करेगा। यह अल्लाह की ओर से एक वादा है जो कभी नहीं टूटता।

दावत (प्रेरणा):

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह कितना दयालु और कृपालु है। वह अपने बंदों के छोटे-छोटे अच्छे कामों को भी बड़ा इनाम देता है। जरा सोचिए, जो इंसान अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की राह पर चलता है, उसके लिए अल्लाह ने जन्नत तैयार की है – जहाँ हर तरह की खुशियाँ और आराम हैं। यह अल्लाह का एहसान है कि उसने हमें यह रास्ता दिखाया और हमें अपनी इबादत करने का मौका दिया। तो आइए, हम सब अपने जीवन को एहसान (नेकी) से भर दें, ताकि हम भी अल्लाह के इस वादे के हकदार बनें और उसकी जन्नत के मेहमान बनें। याद रखिए, अल्लाह का बदला हमेशा बेहतर और बड़ा होता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 58-62 — अर-रहमान

58كَأَنَّهُنَّ الْيَاقُوتُ وَالْمَرْجَانُ
(ऐसी हसीन) गोया वह (मुजस्सिम) याक़ूत व मूँगे हैं
59فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने परवरदिगार की किन किन नेअमतों से मुकरोगे
60هَلْ جَزَاءُ الْإِحْسَانِ إِلَّا الْإِحْسَانُ
भला नेकी का बदला नेकी के सिवा कुछ और भी है
61فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
फिर तुम दोनों अपने मालिक की किस किस नेअमत को झुठलाओगे
62وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ
उन दोनों बाग़ों के अलावा दो बाग़ और हैं
अर-रहमानकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
60आयत

अनुवाद — अर-रहमान 60

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सूरा आयत 60/78 — अर-रहमान الرحمن (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रहमान सुनें, अर-रहमान अनुवाद, अर-रहमान mp3, अर-रहमान pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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