Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नजवा (نجوى): गुप्त बातचीत, कानाफूसी, सरगोशी।
- राबिउहुम (رابعهم): उनका चौथा।
- सादिसुहुम (سادسهم): उनका छठा।
- युनबीउहुम (ينبئهم): उन्हें सूचित करेगा, बता देगा।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या तुमने नहीं जाना कि अल्लाह तआला आसमानों और ज़मीन की हर चीज़ का पूरा इल्म रखता है? उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है—न छोटी, न बड़ी, न ज़मीन के अंदर, न आसमानों के ऊपर। वह हर पल, हर जगह, हर हाल में मौजूद है।
जब तीन लोग आपस में गुप्त बातचीत करते हैं, तो अल्लाह उनका चौथा होता है—अपने ज्ञान से, अपनी निगरानी से। जब पाँच लोग सरगोशी करते हैं, तो वह उनका छठा होता है। और चाहे उनकी तादाद इससे कम हो या ज़्यादा, वह हर हाल में उनके साथ होता है, चाहे वे किसी भी जगह हों—चाहे पहाड़ों की गुफाओं में, चाहे समुद्र की गहराइयों में, चाहे घरों की चारदीवारी के अंदर। उनकी कोई बात, कोई चाल, कोई साज़िश उससे छिपी नहीं है।
यह बात मोमिन के दिल को कितना सुकून देती है! जब हम अकेले होते हैं, तो अल्लाह हमारे साथ होता है। जब हम गुप्त में कोई अच्छा काम करते हैं, तो वह देखता है। और जब कोई बुराई की साज़िश रचते हैं, तो वह सब जानता है। फिर क़यामत के दिन वह उन्हें बताएगा कि उन्होंने दुनिया में क्या-क्या किया—हर अच्छाई और हर बुराई, हर छोटी और बड़ी बात। वह दिन उनके लिए शर्मिंदगी और पछतावे का दिन होगा, जब उनके राज़ खुल जाएँगे और वे अपने किए का बदला पाएँगे।
अल्लाह हर चीज़ का पूरा ज्ञान रखता है। उसके इल्म से कोई ज़र्रा भी बाहर नहीं है। यही अल्लाह की बड़ाई है—वह हमेशा मौजूद है, हमेशा देखने वाला है, हमेशा सुनने वाला है।
दावत (नसीहत):
ऐ अल्लाह के बंदो! याद रखो, तुम चाहे जितनी गुप्त बातें करो, अल्लाह सब सुनता और देखता है। इसलिए अपनी ज़बान को गुनाह से बचाओ, अपने दिल को साज़िशों से पाक रखो। जब तुम अकेले होते हो, तो यह मत समझो कि कोई तुम्हें नहीं देख रहा—अल्लाह तुम्हारे साथ है। उसकी मौजूदगी का एहसास तुम्हें गुनाह से रोके और नेकी पर उभारे। यही ईमान की मिठास है कि बंदा हर पल यह जाने कि उसका रब उसके साथ है, उसे देख रहा है, और उसकी हर अच्छाई का बदला उसे ज़रूर मिलेगा। अल्लाह से डरो, उससे मुहब्बत करो, और उसकी रज़ा के काम करो—क्योंकि वही सब कुछ जानने वाला है।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 7
सूरा अल-मुजादिला आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुमको मालूम नहीं कि जो कुछ आसमानों में है…सूरा आयत 7/22 — सूरा अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुजादिला सुनें, सूरा अल-मुजादिला अनुवाद, सूरा अल-मुजादिला mp3, सूरा अल-मुजादिला pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुजादिला
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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