अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَوْمَ يَبْعَثُهُمُ اللهُ جَمِيعًا: जिस दिन अल्लाह उन सबको (क़ब्रों से) उठाएगा।
- فَيُنَبِّئُهُم: फिर उन्हें ख़बर देगा / बताएगा।
- أَحْصَاهُ اللهُ: अल्लाह ने उसे (उनके आमाल को) गिन रखा है / संरक्षित किया है।
- وَنَسُوهُ: और वे उसे भूल गए।
- وَاللهُ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ شَهِيدٌ: और अल्लाह हर चीज़ पर गवाह है।
तफ़सीर:
ऐ नबी! उस दिन को याद करो जब अल्लाह तआला सभी लोगों को एक साथ उठाएगा—कोई भी उनमें से पीछे नहीं बचेगा, न कोई छूटेगा। फिर वह उन्हें उन सभी कर्मों की ख़बर देगा जो उन्होंने दुनिया में किए—चाहे वे अच्छे हों या बुरे। अल्लाह ने उनके हर अमल को गिनकर लौह-ए-महफ़ूज़ में दर्ज कर रखा है और उनके आमाल के पन्नों में उसे सुरक्षित कर दिया है, जबकि वे लोग उन कर्मों को भूल चुके हैं। उनकी नज़र में उनके काम बेहद मामूली थे, इसलिए उन्होंने उन्हें याद नहीं रखा, लेकिन अल्लाह ने उन्हें नहीं भुलाया। वहाँ वे अपने किए हुए हर छोटे-बड़े काम को अपने सामने लिखा हुआ पाएँगे, और अल्लाह हर चीज़ पर गवाह है—उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है, न छोटी और न बड़ी।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है। हमारे हर क़दम, हर बात, हर नीयत का हिसाब उसके पास है। हम भले ही अपने गुनाह भूल जाएँ, लेकिन अल्लाह की किताब में वे सब दर्ज हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में सावधानी से चलें, क्योंकि एक दिन हमें अपने हर अमल का सामना करना है। यही वह दिन होगा जब हर इंसान अपने किए पर पछताएगा, लेकिन पछतावा उस वक़्त काम नहीं आएगा।
इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! आज ही अपने आमाल की जाँच कर लें। अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा खुला है—तौबा करें, नेक कामों में जल्दी करें, और उस दिन की तैयारी करें जब हमें अपने रब के सामने खड़ा होना है। अल्लाह हम सबको अपनी रहमत से नवाज़े और हमारे गुनाहों को माफ़ फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 4-8 — अल-मुजादिला
अनुवाद — अल-मुजादिला 6
सूरा अल-मुजादिला आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन ख़ुदा उन सबको दोबारा उठाएगा तो उनके आमाल…सूरा आयत 6/22 — अल-मुजादिला المجادلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुजादिला सुनें, अल-मुजादिला अनुवाद, अल-मुजादिला mp3, अल-मुजादिला pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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