अल-मुज्जम्मिल · 19/20
अनुवाद उच्चारण — अल-मुज्जम्मिल
إِنَّ هَٰذِهِ تَذْكِرَةٌ ۖ فَمَن شَاءَ اتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِ سَبِيلًا ۝١٩
Inna haazihee tazkiratun fa man shaaa`at takhaza ilaa Rabbihee sabeelaa
📖 हिंदी अर्थ
बेशक ये नसीहत है तो जो शख़्श चाहे अपने परवरदिगार की राह एख्तेयार करे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَذْكِرَةٌ: नसीहत, सीख और याद दिलाने वाली चीज़।
  • سَبِيلًا: रास्ता, मार्ग।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत एक बहुत बड़ी नसीहत और सीख है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये आयतें, जिनमें क़यामत के दिन की भयावहता, हौल और सख्ती का ज़िक्र है, लोगों के लिए एक याद दहानी और नसीहत हैं। इनमें उन लोगों के लिए सबक़ है जो सुनना और समझना चाहते हैं।

इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है: "जो कोई चाहे, वह अपने रब की तरफ रास्ता अपना ले।" यानी जिसका दिल चाहे, वह ईमान, तक़्वा और नेक अमल के ज़रिए अपने अल्लाह तक पहुँचने का रास्ता इख्तियार कर ले। यह रास्ता उसे उसके रब की रज़ा और जन्नत तक पहुँचाता है।

यह आयत इंसान को आज़ादी देती है कि वह अपनी मर्ज़ी से भलाई का रास्ता चुने। अल्लाह ने हिदायत के दरवाज़े खोल दिए हैं, रसूल भेजे, किताबें नाज़िल कीं, और साफ़ साफ़ रास्ता बता दिया। अब फ़रमाना है कि जो चाहे इस रास्ते पर चल पड़े। यह अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने अपने बंदों को यह मौक़ा दिया कि वे अपनी ज़िंदगी में एक फ़ैसला करें — या तो ग़फ़लत में रहें, या फिर अपने रब की तरफ रुजू करके सीधा रास्ता अपनाएँ।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बुला रही है कि हम अपनी ज़िंदगी का रुख़ अल्लाह की तरफ करें। हमारे पास मौक़ा है, हमारे पास वक़्त है, हमारे पास हिदायत का सामान है। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी, क़ुरआन दिया, और रसूल ﷺ का रास्ता दिखाया। अब देर किस बात की? उठो, अपने रब की तरफ कदम बढ़ाओ, तौबा करो, नेक अमल करो, और उस रास्ते को पकड़ो जो तुम्हें जन्नत तक ले जाएगा।

याद रखो, यह दुनिया का मौक़ा हमेशा नहीं रहेगा। मौत एक दिन आनी है, और फिर अमल का दरवाज़ा बंद हो जाएगा। इसलिए आज ही, इसी वक़्त, अपने रब की तरफ रास्ता इख्तियार कर लो। अल्लाह तआला अपने बंदों से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी तरफ रुजू करें। वह तौबा करने वालों को खुशी से क़बूल करता है और उनके गुनाह माफ़ कर देता है।

तो आओ, हम सब मिलकर इस नसीहत को दिल से सुनें, और अपने अमल को सुधारें। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 17-20 — अल-मुज्जम्मिल

17فَكَيْفَ تَتَّقُونَ إِن كَفَرْتُمْ يَوْمًا يَجْعَلُ الْوِلْدَانَ شِيبًا
तो अगर तुम भी न मानोगे तो उस दिन (के अज़ाब) से क्यों कर बचोगे जो बच्चों को बूढ़ा बना देगा
18السَّمَاءُ مُنفَطِرٌ بِهِ ۚ كَانَ وَعْدُهُ مَفْعُولًا
जिस दिन आसमान फट पड़ेगा (ये) उसका वायदा पूरा होकर रहेगा
19إِنَّ هَٰذِهِ تَذْكِرَةٌ ۖ فَمَن شَاءَ اتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِ سَبِيلًا
बेशक ये नसीहत है तो जो शख़्श चाहे अपने परवरदिगार की राह एख्तेयार करे
20۞ إِنَّ رَبَّكَ يَعْلَمُ أَنَّكَ تَقُومُ أَدْنَىٰ مِن ثُلُثَيِ اللَّيْلِ وَنِصْفَهُ وَثُلُثَهُ وَطَائِفَةٌ مِّنَ الَّذِينَ مَعَكَ ۚ وَاللَّهُ يُقَدِّرُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ ۚ عَلِمَ أَن لَّن تُحْصُوهُ فَتَابَ عَلَيْكُمْ ۖ فَاقْرَءُوا مَا تَيَسَّرَ مِنَ الْقُرْآنِ ۚ عَلِمَ أَن سَيَكُونُ مِنكُم مَّرْضَىٰ ۙ وَآخَرُونَ يَضْرِبُونَ فِي الْأَرْضِ يَبْتَغُونَ مِن فَضْلِ اللَّهِ ۙ وَآخَرُونَ يُقَاتِلُونَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ۖ فَاقْرَءُوا مَا تَيَسَّرَ مِنْهُ ۚ وَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ وَآتُوا الزَّكَاةَ وَأَقْرِضُوا اللَّهَ قَرْضًا حَسَنًا ۚ وَمَا تُقَدِّمُوا لِأَنفُسِكُم مِّنْ خَيْرٍ تَجِدُوهُ عِندَ اللَّهِ هُوَ خَيْرًا وَأَعْظَمَ أَجْرًا ۚ وَاسْتَغْفِرُوا اللَّهَ ۖ إِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ
(ऐ रसूल) तुम्हारा परवरदिगार चाहता है कि तुम और तुम्हारे चन्द साथ के लोग (कभी) दो तिहाई रात के करीब और (कभी) आधी रात और (कभी) तिहाई रात (नमाज़ में) खड़े रहते हो और ख़ुदा ही रात और दिन का अच्छी तरह अन्दाज़ा कर सकता है उसे मालूम है कि तुम लोग उस पर पूरी तरह से हावी नहीं हो सकते तो उसने तुम पर मेहरबानी की तो जितना आसानी से हो सके उतना (नमाज़ में) क़ुरान पढ़ लिया करो और वह जानता है कि अनक़रीब तुममें से बाज़ बीमार हो जाएँगे और बाज़ ख़ुदा के फ़ज़ल की तलाश में रूए ज़मीन पर सफर एख्तेयार करेंगे और कुछ लोग ख़ुदा की राह में जेहाद करेंगे तो जितना तुम आसानी से हो सके पढ़ लिया करो और नमाज़ पाबन्दी से पढ़ो और ज़कात देते रहो और ख़ुदा को कर्ज़े हसना दो और जो नेक अमल अपने वास्ते (ख़ुदा के सामने) पेश करोगे उसको ख़ुदा के हाँ बेहतर और सिले में बुर्ज़ुग तर पाओगे और ख़ुदा से मग़फेरत की दुआ माँगो बेशक ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
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अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 19

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Tuesday, August 18, 2026

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