Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَذْكِرَةٌ: नसीहत, सीख और याद दिलाने वाली चीज़।
- سَبِيلًا: रास्ता, मार्ग।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत एक बहुत बड़ी नसीहत और सीख है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये आयतें, जिनमें क़यामत के दिन की भयावहता, हौल और सख्ती का ज़िक्र है, लोगों के लिए एक याद दहानी और नसीहत हैं। इनमें उन लोगों के लिए सबक़ है जो सुनना और समझना चाहते हैं।
इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है: "जो कोई चाहे, वह अपने रब की तरफ रास्ता अपना ले।" यानी जिसका दिल चाहे, वह ईमान, तक़्वा और नेक अमल के ज़रिए अपने अल्लाह तक पहुँचने का रास्ता इख्तियार कर ले। यह रास्ता उसे उसके रब की रज़ा और जन्नत तक पहुँचाता है।
यह आयत इंसान को आज़ादी देती है कि वह अपनी मर्ज़ी से भलाई का रास्ता चुने। अल्लाह ने हिदायत के दरवाज़े खोल दिए हैं, रसूल भेजे, किताबें नाज़िल कीं, और साफ़ साफ़ रास्ता बता दिया। अब फ़रमाना है कि जो चाहे इस रास्ते पर चल पड़े। यह अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने अपने बंदों को यह मौक़ा दिया कि वे अपनी ज़िंदगी में एक फ़ैसला करें — या तो ग़फ़लत में रहें, या फिर अपने रब की तरफ रुजू करके सीधा रास्ता अपनाएँ।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बुला रही है कि हम अपनी ज़िंदगी का रुख़ अल्लाह की तरफ करें। हमारे पास मौक़ा है, हमारे पास वक़्त है, हमारे पास हिदायत का सामान है। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी, क़ुरआन दिया, और रसूल ﷺ का रास्ता दिखाया। अब देर किस बात की? उठो, अपने रब की तरफ कदम बढ़ाओ, तौबा करो, नेक अमल करो, और उस रास्ते को पकड़ो जो तुम्हें जन्नत तक ले जाएगा।
याद रखो, यह दुनिया का मौक़ा हमेशा नहीं रहेगा। मौत एक दिन आनी है, और फिर अमल का दरवाज़ा बंद हो जाएगा। इसलिए आज ही, इसी वक़्त, अपने रब की तरफ रास्ता इख्तियार कर लो। अल्लाह तआला अपने बंदों से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी तरफ रुजू करें। वह तौबा करने वालों को खुशी से क़बूल करता है और उनके गुनाह माफ़ कर देता है।
तो आओ, हम सब मिलकर इस नसीहत को दिल से सुनें, और अपने अमल को सुधारें। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 17-20 — सूरा अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 19
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये नसीहत है तो जो शख़्श चाहे अपने परवरदिगार…सूरा आयत 19/20 — सूरा अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुज्जम्मिल सुनें, सूरा अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, सूरा अल-मुज्जम्मिल mp3, सूरा अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 17–20. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुज्जम्मिल
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


