अल-इंसान · 15/31
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इंसान
وَيُطَافُ عَلَيْهِم بِآنِيَةٍ مِّن فِضَّةٍ وَأَكْوَابٍ كَانَتْ قَوَارِيرَا ۝١٥
Wa yutaafu `alaihim bi aaniyatim min fiddatinw wa akwaabin kaanat qawaareeraa
📖 हिंदी अर्थ
और उनके सामने चाँदी के साग़र और शीशे के निहायत शफ्फ़ाफ़ गिलास का दौर चल रहा होगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آنية: बर्तन (बहुवचन), जिनमें खाना-पीना परोसा जाता है।
  • فضة: चाँदी।
  • أكواب: कूज़े या प्याले, जिनमें हैंडल नहीं होता।
  • قوارير: काँच (शीशे) के बर्तन।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत के उन ईनामों का ज़िक्र कर रहे हैं जो उसके नेक बंदों के लिए तैयार किए गए हैं। जब ये नेक लोग जन्नत में आराम से बैठे होंगे, तो उनकी खिदमत के लिए जन्नती ख़ादिम (सेवक) उनके पास चक्कर लगाएँगे, और उन्हें चाँदी के बर्तनों में खाना और पीना पेश करेंगे। साथ ही, उनके पास ऐसे कूज़े और प्याले होंगे जो काँच के बने होंगे, लेकिन उनकी चमक और सफ़ाई ऐसी होगी कि वे चाँदी की तरह चमकते होंगे। ये बर्तन इतने पारदर्शी और साफ़ होंगे कि उनमें पीने वाला शराब का रंग और उसकी शुद्धता देख सकेगा।

ये सब कुछ अल्लाह की रहमत और करम का नतीजा है, जो उसने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जन्नत की नेअमतें सिर्फ़ खाने-पीने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर चीज़ में सुंदरता, सफ़ाई और आराम का एहसास होगा। जन्नत के बर्तन भी दुनिया के बर्तनों से अलग होंगे — वे न तो टूटेंगे, न पुराने होंगे, और न ही उनमें कोई कमी आएगी।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कितनी बड़ी नेअमतें देने वाला है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों पर चलते हैं, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाते हैं, उनके लिए जन्नत में ऐसी चीज़ें तैयार हैं जिनका कोई हिसाब नहीं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम दुनिया की फ़ानी चीज़ों के पीछे न भागें, बल्कि उस आख़िरत की तैयारी करें जो हमेशा रहने वाली है।

अल्लाह तआला हमें अपनी रहमत से जन्नत की इन नेअमतों का हक़दार बनाए और हमें दुनिया में नेक अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 13-17 — सूरा अल-इंसान

13مُّتَّكِئِينَ فِيهَا عَلَى الْأَرَائِكِ ۖ لَا يَرَوْنَ فِيهَا شَمْسًا وَلَا زَمْهَرِيرًا
वहाँ वह तख्तों पर तकिए लगाए (बैठे) होंगे न वहाँ (आफताब की) धूप देखेंगे और न शिद्दत की सर्दी
14وَدَانِيَةً عَلَيْهِمْ ظِلَالُهَا وَذُلِّلَتْ قُطُوفُهَا تَذْلِيلًا
और घने दरख्तों के साए उन पर झुके हुए होंगे और मेवों के गुच्छे उनके बहुत क़रीब हर तरह उनके एख्तेयार में
15وَيُطَافُ عَلَيْهِم بِآنِيَةٍ مِّن فِضَّةٍ وَأَكْوَابٍ كَانَتْ قَوَارِيرَا
और उनके सामने चाँदी के साग़र और शीशे के निहायत शफ्फ़ाफ़ गिलास का दौर चल रहा होगा
16قَوَارِيرَ مِن فِضَّةٍ قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا
और शीशे भी (काँच के नहीं) चाँदी के जो ठीक अन्दाज़े के मुताबिक बनाए गए हैं
17وَيُسْقَوْنَ فِيهَا كَأْسًا كَانَ مِزَاجُهَا زَنجَبِيلًا
और वहाँ उन्हें ऐसी शराब पिलाई जाएगी जिसमें जनजबील (के पानी) की आमेज़िश होगी
अल-इंसानकुरान सूची
31आयत
मदनीअवतरण स्थान
15आयत

अनुवाद — अल-इंसान 15

सूरा अल-इंसान आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके सामने चाँदी के साग़र और शीशे के निहायत…

सूरा आयत 15/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए