Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَوَارِيرَ: शीशे के बर्तन, कांच के प्याले।
- مِن فِضَّةٍ: चांदी के बने हुए।
- قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا: उन्होंने (साकियों/सेवकों ने) उन्हें उचित मात्रा में नाप-तौल कर भरा, जो न कम हो और न ज़्यादा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन नेक और पुण्यात्मा लोगों के लिए जन्नत की उन नेअमतों (इनामों) का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने उनके लिए तैयार की हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि जन्नत में ख़िदमत करने वाले ग़िल्मान (सेवक) उनके पास चांदी के बने हुए शीशे के बर्तन लेकर आएंगे। ये बर्तन अपनी सफ़ाई, चमक और पारदर्शिता में शीशे जैसे होंगे, लेकिन असल में वे चांदी के होंगे। यानी उनमें शीशे की शफ़्फ़ाफ़ियत (पारदर्शिता) और चांदी की सफ़ेदी और चमक दोनों खूबियाँ होंगी।
सबसे खूबसूरत बात यह है कि उन बर्तनों को इस तरह भरा जाएगा कि हर पीने वाले को उसकी प्यास के हिसाब से बिल्कुल सही मात्रा में पेय दिया जाएगा—न कम, न ज़्यादा। यह अल्लाह की उस बेहतरीन मेहमाननवाज़ी की निशानी है कि वहाँ हर चीज़ इंसान की ख्वाहिश और ज़रूरत के मुताबिक़ मुकम्मल तौर पर मुहैया होगी। यह उस दरिया-ए-करम का नमूना है जहाँ हर लम्हा इंसान को नई ख़ुशी और इत्मीनान मिलेगा।
यह आयत हमें बताती है कि जन्नत की नेअमतें सिर्फ़ खाने-पीने तक सीमित नहीं, बल्कि वहाँ का हर ज़रिया, हर बर्तन और हर इंतज़ाम इतना बेहतरीन होगा कि इंसान का दिल हर पल शुक्र और ख़ुशी से भरा रहेगा। यह अल्लाह का वादा है उन लोगों के लिए जो दुनिया में उसकी इबादत करते हैं, उसके हुक्मों का पालन करते हैं और नेकियों में जुटे रहते हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, जन्नत की ये नेअमतें उस मेहनत का फल हैं जो हम दुनिया में अल्लाह की राह में करते हैं। जो लोग अल्लाह के लिए भूखे रहते हैं, मिस्कीनों और यतीमों को खाना खिलाते हैं, और अल्लाह की राह में सब्र करते हैं, उनके लिए ही ये इनाम हैं। आइए हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, ताकि हम भी उन खुशनसीबों में शामिल हों जिनके लिए यह क़ुरआनी वादा है। अल्लाह हमें जन्नत की राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 14-18 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 16
सूरा अल-इंसान आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और शीशे भी (काँच के नहीं) चाँदी के जो ठीक…सूरा आयत 16/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


