Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَعْتَدْنَا: हमने तैयार कर रखा है।
- سَلَاسِلَ: जंजीरें (लोहे की बेड़ियाँ)।
- أَغْلَالًا: तौक़ (गले में डाली जाने वाली बेड़ियाँ, जिनमें हाथ भी बंध जाते हैं)।
- سَعِيرًا: भड़कती हुई आग।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने इन्कार करने वाले बंदों के लिए उस अंजाम का ज़िक्र कर रहा है जो उसने उनके लिए तैयार कर रखा है। वह फ़रमाता है कि हमने काफ़िरों के लिए लोहे की जंजीरें तैयार कर रखी हैं, जिनसे उनके पाँव बाँधे जाएँगे, और तौक़ (गले की बेड़ियाँ) जिनमें उनके हाथ उनकी गर्दनों से जकड़ दिए जाएँगे, और भड़कती हुई आग जिसमें उन्हें झोंका जाएगा और वे उसकी लपटों में जलेंगे। ये सज़ाएँ उनके उस कुफ़्र और इन्कार का नतीजा हैं जो उन्होंने दुनिया में किया — उन्होंने अल्लाह की नेमतों का इन्कार किया, उसके रसूलों को झुठलाया और उसकी आयतों से मुँह मोड़ा।
यह आयत हम मुसलमानों के लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। जिस रब ने हमें पैदा किया, हमें रिज़्क़ दिया, हमें इस्लाम जैसी नेमत अता की — उसकी नाफ़रमानी का अंजाम कितना भयानक है! लेकिन साथ ही, यह हमारे लिए रहमत का पैग़ाम भी है कि अल्लाह ने हमें आगाह कर दिया है, ताकि हम उस रास्ते पर चलें जो हमें जहन्नम की जंजीरों से बचाकर जन्नत की राहत तक पहुँचाए। अल्लाह का डर हमारे दिलों में हो, और हम अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ — क्योंकि वही हमारा मालिक है, और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है।
📜 आयत 2-6 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 4
सूरा अल-इंसान आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने काफ़िरों के ज़ंजीरे, तौक और दहकती हुई आग तैयार…सूरा आयत 4/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


