अल-इंसान · 5/31
अनुवाद उच्चारण — अल-इंसान
إِنَّ الْأَبْرَارَ يَشْرَبُونَ مِن كَأْسٍ كَانَ مِزَاجُهَا كَافُورًا ۝٥
innal abraara yashra boona min kaasin kaana mizaa juhaa kaafooraa
📖 हिंदी अर्थ
बेशक नेकोकार लोग शराब के वह सागर पियेंगे जिसमें काफूर की आमेज़िश होगी ये एक चश्मा है जिसमें से ख़ुदा के (ख़ास) बन्दे पियेंगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-अब्रार: नेक लोग, सच्चे और आज्ञाकारी बंदे।
  • कास: प्याला या गिलास (जिसमें शराब हो)।
  • मिज़ाजुहा: उसका मिश्रण, यानी जिस चीज़ से उसे मिलाया गया हो।
  • काफ़ूर: कपूर (एक सुगंधित और ठंडा पदार्थ), और यहाँ जन्नत के एक चश्मे (सोते) का नाम भी है।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने नेक और वफ़ादार बंदों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाते हैं कि ये लोग (अब्रार) क़यामत के दिन उस प्याले से शराब पिएंगे, जिसमें कपूर का मिश्रण होगा। यह कपूर सिर्फ़ एक सुगंधित चीज़ नहीं है, बल्कि जन्नत का एक ख़ास चश्मा (सोता) है, जिसका पानी इतना ख़ुशबूदार, ठंडा और लज़ीज़ होगा कि उसे पीने वालों को हर तरह की ताज़गी और सुकून मिलेगा। यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की, उसके हुक्मों का पालन किया, और अपने अंदर ईमान की सच्चाई और नेकी को ज़िंदा रखा। उनके लिए यह इनाम और इज़्ज़त अल्लाह की तरफ़ से है, जो उनकी मेहनत और सब्र का फल है।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के नेक बंदों के लिए आख़िरत में ऐसी नेमतें हैं जिनका अंदाज़ा दुनिया की किसी चीज़ से नहीं लगाया जा सकता। कपूर का ज़िक्र इसलिए किया गया कि अरब के लोग उसे बहुत पसंद करते थे और उसकी ख़ुशबू को बेहतरीन मानते थे, ताकि लोगों को समझ आ सके कि जन्नत की चीज़ें कितनी उम्दा और लज़ीज़ होंगी। यहाँ अल्लाह ने अपने बंदों को दुनिया में नेकी करने की तरग़ीब (प्रोत्साहन) दी है कि अगर वे उसकी राह में चलें, तो उनका अंजाम कितना खूबसूरत होगा। यह एक ऐसा वादा है जो कभी झूठा नहीं हो सकता, क्योंकि अल्लाह अपने वादे को पूरा करने वाला है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि दुनिया की चंद रोज़ की ज़िंदगी में अल्लाह की राह पर चलना, उसके हुक्मों को मानना और नेक काम करना, हमें उस अज़ीम कामयाबी तक पहुंचाता है जो हमेशा रहने वाली है। जो लोग आज अल्लाह की इबादत में मशगूल रहते हैं, वे कल जन्नत की उन नेमतों से नवाज़े जाएंगे जिनका कोई हिसाब नहीं। यह खुशखबरी है हर उस इंसान के लिए जो सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा (खुशी) के मुताबिक ढालता है। अल्लाह हमें भी उन नेक बंदों में शामिल करे, आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 3-7 — अल-इंसान

3إِنَّا هَدَيْنَاهُ السَّبِيلَ إِمَّا شَاكِرًا وَإِمَّا كَفُورًا
और उसको रास्ता भी दिखा दिया (अब वह) ख्वाह शुक्र गुज़ार हो ख्वाह नाशुक्रा
4إِنَّا أَعْتَدْنَا لِلْكَافِرِينَ سَلَاسِلَ وَأَغْلَالًا وَسَعِيرًا
हमने काफ़िरों के ज़ंजीरे, तौक और दहकती हुई आग तैयार कर रखी है
5إِنَّ الْأَبْرَارَ يَشْرَبُونَ مِن كَأْسٍ كَانَ مِزَاجُهَا كَافُورًا
बेशक नेकोकार लोग शराब के वह सागर पियेंगे जिसमें काफूर की आमेज़िश होगी ये एक चश्मा है जिसमें से ख़ुदा के (ख़ास) बन्दे पियेंगे
6عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا عِبَادُ اللَّهِ يُفَجِّرُونَهَا تَفْجِيرًا
और जहाँ चाहेंगे बहा ले जाएँगे
7يُوفُونَ بِالنَّذْرِ وَيَخَافُونَ يَوْمًا كَانَ شَرُّهُ مُسْتَطِيرًا
ये वह लोग हैं जो नज़रें पूरी करते हैं और उस दिन से जिनकी सख्ती हर तरह फैली होगी डरते हैं
अल-इंसानकुरान सूची
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अनुवाद — अल-इंसान 5

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Tuesday, August 18, 2026

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