अन-नबा · 22/40
अनुवाद उच्चारण — अन-नबा
لِّلطَّاغِينَ مَآبًا ۝٢٢
Lit taa gheena ma aaba
📖 हिंदी अर्थ
सरकशों का (वही) ठिकाना है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِلطَّاغِينَ (लित्ताग़ीन): सरकशों, हद से गुज़रने वालों, काफ़िरों के लिए।
  • مَآبًا (मआबन): लौटने की जगह, पनाहगाह, ठिकाना।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस भयानक दृश्य की ओर इशारा करती है जो क़यामत के दिन सामने आएगा। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जहन्नम उन सरकशों, हद से गुज़रने वालों और काफ़िरों के लिए लौटने की जगह और ठिकाना है। यानी जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्म से सरकशी करते रहे, उसकी आयतों को झुठलाते रहे, और अपनी ज़िंदगी में ज़ुल्म और गुनाह पर अड़े रहे, उनका आख़िरी पता और हमेशा का ठिकाना जहन्नम ही होगा।

यह वही जहन्नम है जो उनके इंतज़ार में है, जैसे कोई शिकारी अपने शिकार की ताक में होता है। यह उनके लिए पूरी तरह तैयार की गई है। वे उसमें जाएंगे और सदियों तक पड़े रहेंगे, लगातार अज़ाब में मुब्तला रहेंगे। वहां न उन्हें कोई ठंडक मिलेगी जो आग की तपिश को कम कर सके, न कोई पीने का ठंडा पानी जो उनकी प्यास बुझा सके। हाँ, उन्हें सिर्फ खौलता हुआ पानी और जहन्नमियों का बहता हुआ पीप (ज़ख़्मों का रिसाव) दिया जाएगा। यह सब उनके उन आमाल का बिल्कुल सटीक और अदल भरा बदला होगा जो वे दुनिया में करते थे।

दावती पहलू (नसीहत):

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा आख़िरी ठिकाना क्या होगा? क्या हम उन लोगों में से होंगे जिनका ठिकाना जहन्नम है, या उन लोगों में से जिनके लिए जन्नत की राहें खोल दी जाएंगी? अल्लाह ने यह बात साफ कर दी है कि जहन्नम सिर्फ उन्हीं के लिए है जो सरकशी करते हैं, हद से गुज़र जाते हैं और अल्लाह के हुक्म को मानने से इनकार करते हैं। लेकिन रहमत का दरवाज़ा अभी खुला है। आज हम ज़िंदा हैं, हमारे पास तौबा का मौक़ा है। अगर हम अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी रहमत के तलबगार बनें, तो हम इस भयानक अंजाम से बच सकते हैं। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है, वह चाहता है कि हम उसकी तरफ लौटें और उसकी जन्नत के हक़दार बनें। याद रखिए, यह दुनिया कुछ दिनों की है, लेकिन आख़िरत हमेशा की है। समझदार वही है जो इस फ़नानी दुनिया में अपनी हमेशा की ज़िंदगी को संवार ले।

🎧 सुनें

📜 आयत 20-24 — अन-नबा

20وَسُيِّرَتِ الْجِبَالُ فَكَانَتْ سَرَابًا
तो (उसमें) दरवाज़े हो जाएँगे और पहाड़ (अपनी जगह से) चलाए जाएँगे तो रेत होकर रह जाएँगे
21إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتْ مِرْصَادًا
बेशक जहन्नुम घात में है
22لِّلطَّاغِينَ مَآبًا
सरकशों का (वही) ठिकाना है
23لَّابِثِينَ فِيهَا أَحْقَابًا
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें
24لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرْدًا وَلَا شَرَابًا
न वहाँ ठन्डक का मज़ा चखेंगे और न खौलते हुए पानी
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीRevelation
22आयत

अनुवाद — अन-नबा 22

सूरा अन-नबा आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सरकशों का (वही) ठिकाना है

सूरा आयत 22/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए