अन-नबा · 23/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
لَّابِثِينَ فِيهَا أَحْقَابًا ۝٢٣
Laa bitheena feehaa ahqaaba
📖 हिंदी अर्थ
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لَابِثِينَ: ठहरने वाले, निवास करने वाले।
  • أَحْقَابًا: "حُقْب" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है लंबा समय, युगों-युगों तक। यहाँ इसका अर्थ अनंत काल और हमेशा के लिए ठहरना है, न कि कोई सीमित अवधि।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में जहन्नम के अज़ाब की स्थायित्व और उसकी भयावहता का वर्णन कर रहे हैं। काफ़िरों और अत्याचारियों के लिए जहन्नम की आग तैयार की गई है, जिसमें वे लंबे समयों तक, युगों-युगों तक पड़े रहेंगे। यहाँ "अहक़ाब" (युगों) का उल्लेख करके बताया गया है कि यह अवधि कोई छोटी या सीमित नहीं, बल्कि ऐसी लंबी है जिसका कोई अंत नहीं। हर युग के बाद एक नया युग आएगा, और यह सिलसिला हमेशा जारी रहेगा। यह अज़ाब कभी खत्म नहीं होगा, न ही इसमें कोई कमी आएगी।

इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त और स्थायी है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं मानते और उसके रसूलों को झुठलाते हैं, उनके लिए यह भयानक अंजाम है। लेकिन साथ ही, यह आयत मोमिनों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपने आचरण को सुधारें और अल्लाह की रहमत और मग़फिरत के तलबगार रहें।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा जीवन केवल इसी दुनिया तक सीमित नहीं है। आख़िरत का जीवन अनंत है। जिस तरह अल्लाह ने जहन्नम को काफ़िरों के लिए तैयार किया है, उसी तरह उसने जन्नत को मोमिनों के लिए तैयार किया है, जिसमें नेमतें कभी खत्म नहीं होंगी। यह हमारे लिए एक अवसर है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएं, तौबा करें, और अपने अमलों को सुधारें। अल्लाह की रहमत बहुत वसी' है, और वह अपने बंदों की तौबा कबूल करता है। आइए, हम सब मिलकर अल्लाह की इबादत और उसकी राह में चलने का अहद करें, ताकि हम उस आग से बच सकें जो काफ़िरों के लिए तैयार की गई है, और उस जन्नत के हक़दार बनें जो मुत्तक़ियों के लिए है।



📜 आयत 21-25 — सूरा अन-नबा

21إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتْ مِرْصَادًا
बेशक जहन्नुम घात में है
22لِّلطَّاغِينَ مَآبًا
सरकशों का (वही) ठिकाना है
23لَّابِثِينَ فِيهَا أَحْقَابًا
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें
24لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرْدًا وَلَا شَرَابًا
न वहाँ ठन्डक का मज़ा चखेंगे और न खौलते हुए पानी
25إِلَّا حَمِيمًا وَغَسَّاقًا
और बहती हुई पीप के सिवा कुछ पीने को मिलेगा
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
23आयत

अनुवाद — अन-नबा 23

सूरा अन-नबा आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें

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Saturday, October 3, 2026

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