अन-नबा · 21/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتْ مِرْصَادًا ۝٢١
Inna jahan nama kaanat mirsaada
📖 हिंदी अर्थ
बेशक जहन्नुम घात में है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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M Muhammad Ayyoub ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • मिर्साद (مِرْصَادًا): घात में बैठने की जगह, निगरानी का स्थान, या ऐसा रास्ता जिससे होकर गुजरना अनिवार्य हो।

तफसीर:

अल्लाह तआला फरमाता है कि निश्चय ही जहन्नम (नरक) घात में बैठने की जगह है। यानी वह काफिरों की राह में घात लगाए बैठी है, उनके आने की प्रतीक्षा में है। यह कोई साधारण जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा मार्ग है जिससे हर व्यक्ति को गुजरना है। मोमिन (ईमानवाले) के लिए यह एक गुजरने का रास्ता होगी जिसे वह पार करके जन्नत में दाखिल होगा, जबकि काफिर के लिए यही उसका स्थायी ठिकाना बन जाएगी।

यह आयत हमें बताती है कि जहन्नम कोई दूर की चीज़ नहीं, बल्कि वह हमारे सामने है, हमारी राह में है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफरमानी करते हैं और उसके रास्ते से भटक जाते हैं, वही लोग इस घात में फंसेंगे। जहन्नम उन काफिरों की प्रतीक्षा में है जो अल्लाह के रसूलों को झुठलाते हैं और उनके दिए गए संदेश को नकारते हैं।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि हम अपने जीवन में ऐसे कामों से बचें जो हमें इस घात की ओर ले जाएं। अल्लाह ने हमें आगाह कर दिया है, रास्ता दिखा दिया है। अब यह हमारी समझदारी है कि हम उस रास्ते पर चलें जो हमें जन्नत तक पहुंचाए, न कि उस रास्ते पर जो हमें जहन्नम की तरफ ले जाए। याद रखिए, जहन्नम की आग बहुत भयानक है, और उससे बचने का एक ही तरीका है—अल्लाह की इबादत करना, उसके हुक्मों का पालन करना और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलना। अल्लाह हम सबको इस भयानक अंजाम से बचाए, आमीन।



📜 आयत 19-23 — सूरा अन-नबा

19وَفُتِحَتِ السَّمَاءُ فَكَانَتْ أَبْوَابًا
और आसमान खोल दिए जाएँगे
20وَسُيِّرَتِ الْجِبَالُ فَكَانَتْ سَرَابًا
तो (उसमें) दरवाज़े हो जाएँगे और पहाड़ (अपनी जगह से) चलाए जाएँगे तो रेत होकर रह जाएँगे
21إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتْ مِرْصَادًا
बेशक जहन्नुम घात में है
22لِّلطَّاغِينَ مَآبًا
सरकशों का (वही) ठिकाना है
23لَّابِثِينَ فِيهَا أَحْقَابًا
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
21आयत

अनुवाद — अन-नबा 21

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Saturday, October 3, 2026

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