Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَدَائِقَ: बाग़ात, हरे-भरे और फलों से लदे बगीचे।
- وَأَعْنَابًا: अंगूर के बाग़ और अंगूर के गुच्छे।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के लिए उस इनाम का ज़िक्र कर रही है जो अपने रब से डरते हैं और उसकी रज़ा के लिए नेक अ'mाल करते हैं। उनके लिए क़यामत के दिन फ़लाह और कामयाबी है। अल्लाह तआला ने उनके लिए जन्नत में हरे-भरे बाग़ात और अंगूर के बाग़ तैयार किए हैं। ये सिर्फ़ आम बाग़ नहीं, बल्कि ऐसे बाग़ हैं जिनमें तरह-तरह के फलदार पेड़ हैं, और उनमें अंगूर की बेलें हैं जो अपनी ख़ूबसूरती और लज़्ज़त में बेमिसाल हैं। अंगूर का ज़िक्र ख़ास तौर पर इसलिए किया गया क्योंकि यह फल जन्नत का सबसे पसंदीदा और लतीफ़ फल है, और अरब के लोगों के लिए यह बहुत अहमियत रखता था। यहाँ अल्लाह ने इन नेमतों का ज़िक्र करके मोमिनों को ख़ुशख़बरी दी है कि उनकी मेहनत और सब्र का फल उन्हें ज़रूर मिलेगा। साथ ही यह भी बताया गया है कि जन्नत की ये नेमतें सिर्फ़ जिस्मानी नहीं, बल्कि वहाँ का माहौल भी पाक और सुकून भरा होगा — न कोई बेहूदा बात होगी, न झूठ, न कोई दुख या रंज। यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी में नेकी और परहेज़गारी अपनाकर हम उस अज़ीम कामयाबी के हक़दार बन सकते हैं जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए रखी है। याद रखें, जन्नत की हर नेमत अल्लाह की रहमत और करम का नतीजा है, और उसका सबसे बड़ा इनाम अल्लाह की रज़ा और उसका दीदार है।
📜 आयत 30-34 — सूरा अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 32
सूरा अन-नबा आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानि बेहश्त के) बाग़ और अंगूरसूरा आयत 32/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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