अन-नबा · 33/40
अनुवाद उच्चारण — अन-नबा
وَكَوَاعِبَ أَتْرَابًا ۝٣٣
Wa kaawa `iba at raaba
📖 हिंदी अर्थ
और वह औरतें जिनकी उठती हुई जवानियाँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • कवा'इब (كواعب): ऐसी औरतें जिनके स्तन उभरे हुए (पूर्ण और सुडौल) हों, यानी जवानी की शुरुआत की उम्र की औरतें।
  • अत्राब (अतराब): एक ही उम्र की, समान आयु वाली (सहेलियाँ)।

तफसीर:

यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो अपने रब से डरते हैं और अच्छे कर्म करते हैं। अल्लाह तआला ने उनके लिए जन्नत की नेमतों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि वहाँ उनके लिए जवान, सुंदर और एक ही उम्र की औरतें होंगी, जो पूरी तरह से पाक-साफ़ होंगी और उनकी आँखों को ठंडक पहुँचाने वाली होंगी। ये औरतें न सिर्फ़ शारीरिक रूप से खूबसूरत होंगी, बल्कि उनकी उम्र भी एक जैसी होगी, ताकि आपस में मोहब्बत और अनुकूलता पूरी तरह से हो।

यहाँ अल्लाह तआला ने जन्नत की उन नेमतों का ज़िक्र किया है जो इंसान की फ़ितरत के करीब हैं, ताकि लोग उन्हें समझ सकें और उनके लिए दिल में चाहत पैदा हो। लेकिन असलियत में जन्नत की नेमतें उन सब चीज़ों से कहीं बेहतर हैं जो हमारे दिमाग़ में आ सकती हैं। अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए वो कुछ तैयार किया है जो "ना किसी आँख ने देखा, ना किसी कान ने सुना और ना किसी इंसान के दिल में ख़याल आया।"

यह आयत हमें याद दिलाती है कि दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी की खुशियाँ और मज़े फ़ानी हैं, लेकिन जन्नत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं। अगर हम अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी नाफ़रमानी से बचें, तो हमें ऐसी जगह मिलेगी जहाँ हर तरह की खुशी और आराम होगा। यही असली कामयाबी है।

इसलिए ऐ बंदे! अपने रब की इबादत कर, उसके दिए हुए दीन पर चल और उसकी रहमत की उम्मीद रख। अल्लाह ने अपने रहम से हमें ये खुशखबरी दी है, ताकि हम उसकी तरफ़ रुजू करें और उसकी जन्नत के हक़दार बनें। याद रख, जन्नत की एक झलक दुनिया की सारी नेमतों से बेहतर है, और वहाँ की हर चीज़ पाक और बेहतरीन होगी।

🎧 सुनें

📜 आयत 31-35 — अन-नबा

31إِنَّ لِلْمُتَّقِينَ مَفَازًا
बेशक परहेज़गारों के लिए बड़ी कामयाबी है
32حَدَائِقَ وَأَعْنَابًا
(यानि बेहश्त के) बाग़ और अंगूर
33وَكَوَاعِبَ أَتْرَابًا
और वह औरतें जिनकी उठती हुई जवानियाँ
34وَكَأْسًا دِهَاقًا
और बाहम हमजोलियाँ हैं और शराब के लबरेज़ साग़र
35لَّا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا وَلَا كِذَّابًا
और शराब के लबरेज़ साग़र वहाँ न बेहूदा बात सुनेंगे और न झूठ
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अनुवाद — अन-नबा 33

सूरा अन-नबा आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह औरतें जिनकी उठती हुई जवानियाँ

सूरा आयत 33/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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