अन-नबा · 31/40
अनुवाद उच्चारण — अन-नबा
إِنَّ لِلْمُتَّقِينَ مَفَازًا ۝٣١
Inna lil mutta qeena mafaaza
📖 हिंदी अर्थ
बेशक परहेज़गारों के लिए बड़ी कामयाबी है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِلْمُتَّقِينَ (मुत्तक़ियों के लिए): उन लोगों के लिए जो अल्लाह से डरते हैं, उसके आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं।
  • مَفَازًا (मफ़ाज़ा): सफलता, कामयाबी, छुटकारा और वह जगह जहाँ इंसान अपनी मनचाही चीज़ पा ले। यानी जन्नत और उसकी नेअमतें।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) को खुशख़बरी सुना रहा है। यह एक ऐसा वादा है जो कभी टूटने वाला नहीं। जो लोग दुनिया में अल्लाह से डरकर जिए, उसके हुक्मों को माना और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचे, उनके लिए बड़ी कामयाबी और सफलता है। यह सफलता सिर्फ़ दुनिया की कामयाबी नहीं, बल्कि आख़िरत की सच्ची और हमेशा रहने वाली कामयाबी है।

यह "मफ़ाज़" यानी जन्नत है—वह जगह जहाँ हर दर्द, हर ग़म, हर थकान खत्म हो जाती है। वहाँ उनके लिए बाग़ हैं, अंगूर के बाग़ हैं, और उनके लिए नौजवान और हमउम्र पाक दामन बीवियाँ हैं। उनके लिए शराब के प्याले होंगे जो पाक और लज़्ज़त वाले होंगे, जिनमें कोई नुक़्सान नहीं। वहाँ वे कोई बेहूदा बात नहीं सुनेंगे, न कोई झूठ होगा, न कोई धोखा। वहाँ की हर बात सच्ची, पाक और खुशगवार होगी।

यह वादा सिर्फ़ उन्हीं के लिए है जो तक़वा (परहेज़गारी) अपनाएँ। तक़वा यानी अल्लाह की नाराज़गी से बचना और उसकी रज़ा पर चलना। जो इंसान इस राह पर चल पड़े, उसके लिए यह आयत एक बशारत (खुशख़बरी) है कि उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। अल्लाह ने उसके लिए ऐसी कामयाबी तैयार की है जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।

दावती पहलू:

यह आयत हर उस इंसान के लिए उम्मीद की किरण है जो चाहता है कि उसकी ज़िंदगी कामयाब हो। दुनिया की कामयाबी चाहे कितनी भी बड़ी हो, वह अधूरी है, लेकिन अल्लाह की तरफ से मिलने वाली कामयाबी पूरी और हमेशा रहने वाली है। जो इंसान आज अल्लाह की राह पर चलता है, वह कल उस जन्नत का मालिक होगा जिसकी नेअमतें कभी खत्म नहीं होंगी। यही असली कामयाबी है—बाकी सब फ़ानी है। अल्लाह हमें तक़वा अपनाने की तौफ़ीक़ दे और हमें उस सच्ची कामयाबी तक पहुँचाए। आमीन।



📜 आयत 29-33 — अन-नबा

29وَكُلَّ شَيْءٍ أَحْصَيْنَاهُ كِتَابًا
और हमने हर चीज़ को लिख कर मनज़बत कर रखा है
30فَذُوقُوا فَلَن نَّزِيدَكُمْ إِلَّا عَذَابًا
तो अब तुम मज़ा चखो हमतो तुम पर अज़ाब ही बढ़ाते जाएँगे
31إِنَّ لِلْمُتَّقِينَ مَفَازًا
बेशक परहेज़गारों के लिए बड़ी कामयाबी है
32حَدَائِقَ وَأَعْنَابًا
(यानि बेहश्त के) बाग़ और अंगूर
33وَكَوَاعِبَ أَتْرَابًا
और वह औरतें जिनकी उठती हुई जवानियाँ
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीRevelation
31आयत

अनुवाद — अन-नबा 31

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सूरा आयत 31/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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