अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَمَا أَخْرَجَكَ رَبُّكَ مِن بَيْتِكَ بِالْحَقِّ: जिस प्रकार आपके रब ने आपको सत्य के साथ आपके घर (मदीना) से निकाला।
- وَإِنَّ فَرِيقًا مِّنَ الْمُؤْمِنِينَ لَكَارِهُونَ: और निश्चय ही ईमानवालों में से एक समूह इसे नापसंद कर रहा था।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस स्थिति की ओर संकेत करती है जब अल्लाह ने अपने नबी ﷺ को मदीना से बद्र के मैदान की ओर क़ुरैश के क़ाफ़िले (व्यापारिक कारवां) से मुक़ाबले के लिए निकलने का आदेश दिया। यह आदेश वह़्य (प्रकाशना) के माध्यम से आया था, जो सत्य और हिक्मत पर आधारित था। हालाँकि, कुछ ईमानवाले इस निकलने को नापसंद कर रहे थे, क्योंकि उन्होंने सोचा था कि वे केवल क़ाफ़िले को रोकने के लिए निकले हैं, जबकि अल्लाह की मंशा यह थी कि बद्र का निर्णायक युद्ध हो, जिसमें इस्लाम को शक्ति और सत्य का प्रकटीकरण हो। यहाँ अल्लाह तआला नबी ﷺ को समझाते हैं कि जिस प्रकार उन्होंने ग़नीमत (युद्ध-धन) के विभाजन के मामले में मुसलमानों की राय के विपरीत अपना फ़ैसला सुनाया और उसे अपने और अपने रसूल के अधिकार में रखा, उसी प्रकार बद्र की ओर निकलने का आदेश भी उनकी नापसंदगी के बावजूद सत्य और भलाई पर आधारित था। अल्लाह का आदेश हमेशा बंदों की भलाई के लिए होता है, चाहे उन्हें उसकी हिक्मत का पूरा एहसास न हो।
फ़ायदे (लाभ):
- अल्लाह के आदेशों में बंदों की भलाई छिपी होती है, भले ही वे उसे समझ न पाएँ। इसलिए मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह और उसके रसूल के फ़ैसले पर पूरा भरोसा रखे।
- नबी ﷺ की आज्ञाकारिता और उनके नेतृत्व को स्वीकार करना ईमान का हिस्सा है, चाहे कुछ परिस्थितियाँ नापसंद क्यों न हों।
- अल्लाह के फ़ैसले में बंदे की नापसंदगी का कोई वज़न नहीं होता; सच्चा ईमान उसी में है कि इंसान अपनी राय को अल्लाह और उसके रसूल की राय के आगे समर्पित कर दे।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि कठिन और नापसंद फ़ैसलों में भी अल्लाह की मदद और फ़तह (विजय) छिपी होती है, जैसे बद्र की जंग में इस्लाम को जो शक्ति मिली वह उसी नापसंद आदेश का नतीजा थी।
📜 आयत 3-7 — अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 5
सूरा अल-अनफाल आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस तरह तुम्हारे परवरदिगार ने तुम्हें बिल्कुल ठीक (मसलहत से)…सूरा आयत 5/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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