अत-तकवीर · 15/29
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकवीर
فَلَا أُقْسِمُ بِالْخُنَّسِ ۝١٥
Falaaa uqsimu bil khunnas
📖 हिंदी अर्थ
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْخُنَّسِ (अल-खुन्नस): यह "ख़ुन्नस" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है पीछे हटने वाली, छिप जाने वाली। यहाँ इससे अभिप्राय उन तारों से है जो दिन में छिप जाते हैं और रात में प्रकट होते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन तारों की क़सम खाता है जो दिन में छिप जाते हैं और रात में निकलते हैं, अपने स्थानों पर चलते-फिरते रहते हैं। ये तारे रात के अंधेरे में चमकते हैं और दिन की रोशनी में ग़ायब हो जाते हैं। यह अल्लाह की क़ुदरत की एक अद्भुत निशानी है कि उसने इन्हें इस तरह बनाया है कि ये दिन में छिप जाते हैं और रात में प्रकट होते हैं।

अल्लाह तआला ने इन तारों की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि उसके पास जो सबसे बड़ी नेमत और हिदायत है, वह क़ुरआन है। यह क़ुरआन किसी शैतान का क़ौल नहीं, बल्कि एक बहुत ही सम्मानित रसूल (जिब्रील अलैहिस्सलाम) का पैग़ाम है, जो अल्लाह के पास बड़ा मर्तबा रखता है और जिसे फ़रिश्ते मानते हैं। वह अमानतदार है और अल्लाह का पैग़ाम जैसा है वैसा ही पहुँचाता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने अपनी मख़लूक़ात में से अज़ीम चीज़ों की क़सम खाई है, ताकि हम क़ुरआन की अहमियत समझें। जब अल्लाह खुद क़सम खाकर क़ुरआन की अज़मत बयान करता है, तो हमें चाहिए कि हम क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यह किताब हमारी ज़िंदगी की हर मुश्किल का हल है और हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देती है। जिस तरह तारे रात में रास्ता दिखाते हैं, उसी तरह क़ुरआन हमें ज़िंदगी के अंधेरों में रोशनी दिखाता है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे।



📜 आयत 13-17 — सूरा अत-तकवीर

13وَإِذَا الْجَنَّةُ أُزْلِفَتْ
और जब बेहिश्त क़रीब कर दी जाएगी
14عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا أَحْضَرَتْ
तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर आया
15فَلَا أُقْسِمُ بِالْخُنَّسِ
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते
16الْجَوَارِ الْكُنَّسِ
और ग़ायब होते हैं
17وَاللَّيْلِ إِذَا عَسْعَسَ
और रात की क़सम जब ख़त्म होने को आए
अत-तकवीरकुरान सूची
29आयत
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15आयत

अनुवाद — अत-तकवीर 15

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Saturday, October 3, 2026

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