अत-तकवीर · 16/29
अनुवाद उच्चारण — अत-तकवीर
الْجَوَارِ الْكُنَّسِ ۝١٦
Al jawaaril kunnas
📖 हिंदी अर्थ
और ग़ायब होते हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الجَوَارِ: चलने वाली, गति करने वाली (तारे जो अपनी कक्षा में घूमते हैं)
  • الْكُنَّسِ: छिपने वाली, अस्त हो जाने वाली (तारे जो दिन के उजाले में छिप जाते हैं, जैसे हिरण अपने बिल में छिप जाता है)

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में उन तारों की क़सम खाई है जो आकाश में तेज़ी से चलते हैं और अपनी कक्षाओं में परिक्रमा करते रहते हैं। ये तारे दिन के समय सूर्य की रोशनी में ग़ायब हो जाते हैं, ठीक उसी तरह जैसे जंगली हिरण अपने बिल में छिप जाता है। यह अल्लाह की क़ुदरत का अद्भुत नज़ारा है—ये तारे रात में चमकते हैं, फिर सुबह होते ही वे अपनी जगहों पर छिप जाते हैं, और फिर अगली रात फिर प्रकट हो जाते हैं। यह नियमित प्रणाली उस महान रचयिता की ताक़त और हिकमत को दर्शाती है जिसने इस ब्रह्मांड को इतने सटीक नियमों से चलाया है।

इस क़सम का मक़सद यह है कि अल्लाह तआला उस महान सत्य की पुष्टि कर रहे हैं जो इसके बाद आने वाली आयतों में बयान होगा—कि यह क़ुरआन एक बहुत ही सम्मानित रसूल (जिब्रील अलैहिस्सलाम) के ज़रिए नाज़िल किया गया है। जिस तरह तारे अपनी कक्षा से नहीं हटते और अपने नियम पर चलते हैं, उसी तरह यह वह्य (प्रकाशना) भी पूरी सच्चाई और अमानत के साथ पहुँचाई गई है।

दावत और नसीहत:

प्यारे भाइयों और बहनों! ज़रा सोचिए—जिस अल्लाह ने इन असंख्य तारों को अपनी क़ुदरत से चलाया है, जो हर रात अपनी जगह से निकलते हैं और हर सुबह छिप जाते हैं, क्या वह आपके हाल से बेख़बर हो सकता है? हरगिज़ नहीं! यह नियमित प्रणाली हमें यही सिखाती है कि हमारी ज़िंदगी भी एक मक़सद के साथ है। जिस तरह तारे अपने रास्ते पर चलते हैं और अपने समय पर छिपते हैं, उसी तरह हमें भी अल्लाह के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। यह क़ुरआन जो हम तक पहुँचा है, वह कोई साधारण किताब नहीं—यह उस ख़ुदा का पैग़ाम है जिसने इस पूरे ब्रह्मांड को बनाया है। इस पैग़ाम को अपनाइए, इस पर अमल कीजिए, और उस रोशनी को पाइए जो इन तारों की रोशनी से कहीं बेहतर और स्थायी है—वह रोशनी जो दिल को सुकून देती है और ज़िंदगी को सही दिशा दिखाती है।

🎧 सुनें

📜 आयत 14-18 — अत-तकवीर

14عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا أَحْضَرَتْ
तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर आया
15فَلَا أُقْسِمُ بِالْخُنَّسِ
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते
16الْجَوَارِ الْكُنَّسِ
और ग़ायब होते हैं
17وَاللَّيْلِ إِذَا عَسْعَسَ
और रात की क़सम जब ख़त्म होने को आए
18وَالصُّبْحِ إِذَا تَنَفَّسَ
और सुबह की क़सम जब रौशन हो जाए
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अनुवाद — अत-तकवीर 16

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Tuesday, August 18, 2026

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