अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَلِمَتْ نَفْسٌ – हर आत्मा जान लेगी
- مَّا أَحْضَرَتْ – जो (अच्छे-बुरे कर्मों को) वह (अपने सामने) उपस्थित पाएगी
तफ़सीर:
जब क़ियामत का वह महान दिन आएगा, जिसका वर्णन अल्लाह तआला ने पिछली आयात में किया है—सूरज की रोशनी ज़ाइल हो जाएगी, सितारे बिखर जाएँगे, पहाड़ उखड़कर उड़ती हुई धूल बन जाएँगे, गर्भवती ऊँटनियाँ (जो अरबों की सबसे कीमती संपत्ति थीं) बेकार छोड़ दी जाएँगी, जंगली जानवर इकट्ठे कर दिए जाएँगे, समुद्र आग की लपटों में बदल जाएँगे, आत्माएँ अपने जैसों से मिला दी जाएँगी, ज़िंदा दफ़्न की गई लड़कियों से पूछा जाएगा कि उन्हें किस गुनाह पर मारा गया था, आसमान उखाड़ दिया जाएगा, दोज़ख़ भड़का दी जाएगी और जन्नत नेक लोगों के करीब ला दी जाएगी—उस वक़्त हर आत्मा को मालूम हो जाएगा कि उसने अपने लिए क्या भेजा है।
यानी उस दिन हर इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों को अपने सामने पाएगा। जिसने दुनिया में नेकियाँ की होंगी, वह उन्हें अपने लिए जन्नत का सामान पाएगा; और जिसने गुनाह किए होंगे, वह अपने किए की सज़ा से बच नहीं पाएगा। यह वह दिन होगा जब कोई चीज़ छिपी नहीं रहेगी, हर छोटा-बड़ा अमल सामने आ जाएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि यह दुनिया आख़िरी मंज़िल नहीं है। जो इंसान आज अपने कर्मों को हल्का समझता है, उसे कल उन्हीं कर्मों का सामना करना पड़ेगा। अल्लाह तआला ने यह खबर हमें इसलिए दी ताकि हम आज अपनी ज़िंदगी को संवार लें, अपने अमल को सुधार लें। यह बड़ी रहमत है कि हमें मौका दिया गया है—तौबा करने का, नेकियाँ बढ़ाने का, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचने का। जो आज अपने रब की इबादत करेगा और उसकी बताई हुई राह पर चलेगा, उसके लिए उस दिन खुशखबरी है; और जो ग़ाफ़िल रहेगा, उसके लिए पछतावे के सिवा कुछ नहीं होगा। आओ हम सब अपने अमल की फ़िक्र करें और उस दिन के लिए ऐसा सामान इकट्ठा करें जो हमें राहत दे, रुसवाई नहीं।
📜 आयत 12-16 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 14
सूरा अत-तकवीर आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर…सूरा आयत 14/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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